
Manipur मणिपुर: नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) की मणिपुर राज्य इकाई ने 26 मई को एक मीडिया आउटलेट के बयान को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इस बयान में कुकी सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन (CSOs) की ओर से कथित तौर पर कहा गया था कि उन्हें 13 मई को लीलोन वैफेई गांव से अपहृत छह नागा लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
NPF ने इस रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह इनकार “बहुत परेशान करने वाला” है और इससे संबंधित संगठनों के बयान में असंगति दिखाई देती है। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब अन्य मामलों में कथित रूप से जानकारी उपलब्ध है, तो इस विशेष घटना में लापता लोगों के बारे में अनभिज्ञता क्यों जताई जा रही है।
NPF के अनुसार, 13 मई को महिलाओं और एक बच्चे समेत कुल 14 आम नागरिकों का अपहरण किया गया था। पार्टी का दावा है कि इनमें कुछ महिलाओं और बच्चे को, जिन्हें कथित रूप से उनके पतियों के साथ ले जाया गया था, 15 मई को छोड़ दिया गया था। हालांकि, छह पुरुषों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।
पार्टी ने कहा कि यह मामला गंभीर मानवीय चिंता का विषय है और इसमें सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ जानकारी साझा करनी चाहिए। NPF ने यह भी आरोप लगाया कि अपहृत लोगों के संबंध में अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो रही है।
इस घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और राजनीतिक दलों तथा नागरिक संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। NPF ने संबंधित एजेंसियों से अपील की है कि लापता लोगों की जल्द से जल्द तलाश की जाए और उनके बारे में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।





