
Karnataka कर्नाटक: मैसूर में रॉयल फैमिली की सदस्य प्रमोदा देवी वोडेयार ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और मुख्यमंत्री के बीच किसी तरह की दुश्मनी नहीं है और वह न तो रॉयल फैमिली के बहुत करीब हैं और न ही दूर।
मैसूर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रमोदा देवी वोडेयार ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक विकास पर वे अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहतीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक बदलावों के बावजूद विकास कार्यों में किसी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं अभी के पॉलिटिकल डेवलपमेंट के बारे में बात नहीं करूंगी। सिर्फ इसलिए डेवलपमेंट में रुकावट नहीं आ सकती क्योंकि सिद्धारमैया चीफ मिनिस्टर के पद से हट गए हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही होती है तो जनता को इस पर सवाल उठाना चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर दबाव बनाना चाहिए ताकि विकास कार्य सही ढंग से आगे बढ़ सकें।
प्रमोदा देवी वोडेयार ने यह भी सुझाव दिया कि चाहे राज्य में नया मुख्यमंत्री कोई भी बने, उन्हें प्रशासन को समझने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में कम से कम तीन से चार महीने का समय लग सकता है। उनके अनुसार, सरकार बदलने के दौरान एक संक्रमण काल (transition period) स्वाभाविक होता है, जिसमें नई टीम को कामकाज समझने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने यह भी अपील की कि मैसूर के लिए पहले से मंजूर किए गए विकास परियोजनाओं को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, विकास परियोजनाओं को राजनीतिक बदलावों से प्रभावित नहीं होना चाहिए और जनता के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मैसूर क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को लेकर पहले से ही कई योजनाएं स्वीकृत हैं, जिन पर स्थानीय लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। ऐसे में प्रमोदा देवी वोडेयार का यह बयान राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
उनकी टिप्पणी को एक संतुलित संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विकास कार्यों की निरंतरता पर जोर दिया है।
फिलहाल कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं जारी हैं, लेकिन इस बीच विकास परियोजनाओं की निरंतरता को लेकर यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





