
कर्नाटक : सिनेमा टिकटों से होने वाली कमाई पर दो प्रतिशत सेस लगाने से जुड़ा विवाद फिलहाल समाप्त हो गया है। राज्य सरकार ने गुरुवार को कर्नाटक हाई कोर्ट को बताया कि सेस वसूलने के लिए जारी सर्कुलर को वापस ले लिया गया है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के बाद हाई कोर्ट ने विवादित सर्कुलर और उससे संबंधित नोटिस को रद्द करते हुए मामले में दाखिल याचिका का निपटारा कर दिया।
यह मामला सिनेमा टिकटों से होने वाली आय पर दो प्रतिशत सेस लगाने के सरकार के फैसले से जुड़ा था। राज्य सरकार की ओर से 29 अगस्त को एक सर्कुलर जारी किया गया था। इसमें सिनेमा टिकटों से प्राप्त होने वाली कमाई पर दो प्रतिशत सेस लगाने का प्रावधान किया गया था। इस सर्कुलर को मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
मामले की सुनवाई जस्टिस एचटी नरेंद्र प्रसाद की पीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत में एक मेमो पेश किया गया। इसके माध्यम से सरकार ने बताया कि 29 अगस्त को जारी विवादित सर्कुलर को नौ सितंबर के कार्यालय आदेश के जरिए वापस लिया जा चुका है। सरकार के इस बयान को अदालत ने रिकॉर्ड पर लिया।
राज्य सरकार ने हाई कोर्ट को यह भी बताया कि कर्नाटक सिने एंड कल्चरल वेलफेयर एक्ट 2024 को लागू करने की तारीख के संबंध में अब तक आधिकारिक राजपत्र में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद इसी कानून के आधार पर सिनेमा टिकटों की कमाई पर सेस लगाने वाला सर्कुलर जारी किया गया था। यह तथ्य मामले की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण बन गया।
किसी भी अधिनियम को व्यावहारिक रूप से लागू करने के लिए उसकी प्रभावी तारीख से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना महत्वपूर्ण मानी जाती है। सरकार द्वारा अदालत के सामने दिए गए बयान से स्पष्ट हुआ कि संबंधित अधिनियम को लागू करने की तारीख अभी आधिकारिक गजट में अधिसूचित नहीं की गई थी। ऐसी स्थिति में उसके आधार पर जारी सर्कुलर की वैधानिक स्थिति को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक था।
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और अन्य याचिकाकर्ताओं ने 29 अगस्त के सर्कुलर को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं की आपत्ति मुख्य रूप से सिनेमा टिकटों से होने वाली कमाई पर अतिरिक्त दो प्रतिशत सेस लगाए जाने को लेकर थी। इस व्यवस्था का सीधा प्रभाव मल्टीप्लेक्स और सिनेमा कारोबार से जुड़े संस्थानों की आय और वित्तीय प्रक्रियाओं पर पड़ सकता था।
सुनवाई के दौरान सरकार द्वारा सर्कुलर वापस लिए जाने की जानकारी देने के बाद विवाद का प्रमुख आधार समाप्त हो गया। इसके बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार का बयान दर्ज किया और संबंधित सर्कुलर तथा उससे जुड़े नोटिस को रद्द कर दिया। अदालत ने इसके साथ ही याचिका का निपटारा कर दिया। अब 29 अगस्त के उस सर्कुलर के आधार पर दो प्रतिशत सेस वसूलने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
सरकार के फैसले से राज्य में संचालित सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स प्रबंधन को फिलहाल राहत मिली है। दो प्रतिशत सेस लागू होने की स्थिति में टिकटों से होने वाली आय का एक हिस्सा अतिरिक्त शुल्क के रूप में देना पड़ता। इसका प्रभाव सिनेमा व्यवसाय की लागत और वित्तीय व्यवस्था पर पड़ने की आशंका थी। हालांकि सरकार ने सर्कुलर वापस ले लिया है इसलिए फिलहाल यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।
मामले में यह बात भी अहम है कि सरकार ने संबंधित कानून को पूरी तरह छोड़ने या रद्द करने की कोई जानकारी अदालत को नहीं दी है। सरकार ने केवल यह बताया कि 29 अगस्त का सर्कुलर नौ सितंबर के कार्यालय आदेश के माध्यम से वापस लिया गया है। साथ ही अधिनियम को प्रभावी करने की तारीख का गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं होने की स्थिति स्पष्ट की गई है।
ऐसे में भविष्य में यदि सरकार कर्नाटक सिने एंड कल्चरल वेलफेयर एक्ट 2024 को प्रभावी बनाना चाहती है तो उसे निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन करना होगा। अधिनियम लागू करने की तारीख की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही उससे संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं पर आगे बढ़ा जा सकता है। किसी नई अधिसूचना या आदेश की स्थिति में प्रभावित पक्षों को उसके कानूनी प्रावधानों का अध्ययन करना होगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी सर्कुलर जारी करने से पहले कानूनी और प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी करने की जरूरत को भी रेखांकित किया है। जिस कानून के आधार पर कोई शुल्क या सेस लागू किया जाना हो उसकी प्रभावी तारीख और अधिकार क्षेत्र का स्पष्ट होना जरूरी है। आधिकारिक गजट में अधिसूचना जारी नहीं होने के कारण विवादित सर्कुलर की वैधता पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए।
हाई कोर्ट का आदेश मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन और सिनेमा व्यवसाय से जुड़े दूसरे पक्षों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने सरकार की ओर से सर्कुलर वापस लिए जाने के बयान को दर्ज कर मामले को समाप्त कर दिया। इससे याचिकाकर्ताओं की तत्काल शिकायत का समाधान हो गया है और सेस से संबंधित विवादित सर्कुलर अब प्रभावी नहीं रहेगा।
फिलहाल सिनेमा टिकटों से होने वाली आय पर दो प्रतिशत सेस लागू नहीं किया जाएगा। आगे इस विषय में राज्य सरकार कोई नया निर्णय लेती है तो उसके लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और आधिकारिक गजट अधिसूचना महत्वपूर्ण होगी। इस बीच मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों को विवादित सर्कुलर से राहत मिल गई है।





