कर्नाटक

बिदादी किसानों के बीच पहुंचे निखिल कुमारस्वामी, देवेगौड़ा से वीडियो कॉल पर कराई बात

Kavita2
26 Sept 2026 10:46 AM IST
बिदादी किसानों के बीच पहुंचे निखिल कुमारस्वामी, देवेगौड़ा से वीडियो कॉल पर कराई बात
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रामनगर। बिदादी टाउनशिप परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन के बीच JDS युवा नेता निखिल कुमारस्वामी और पूर्व विधायक ए. मंजूनाथ भैरमंगला गांव पहुंचे। दोनों नेताओं ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे किसानों से मुलाकात की और उनके आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। इस दौरान महिला किसानों और किसान नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा को प्रदर्शन स्थल पर बुलाने की मांग की।

निखिल कुमारस्वामी के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचते ही किसानों ने अपनी मांगें और समस्याएं उनके सामने रखीं। इसी दौरान महिला किसानों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने देवेगौड़ा को भैरमंगला बुलाने की मांग करते हुए जोरदार नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने बार-बार कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री को आंदोलन स्थल पर आकर किसानों से मिलना चाहिए।

किसानों की मांग के बीच निखिल कुमारस्वामी ने मौके से ही पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा को वीडियो कॉल किया। इसके बाद फोन के जरिए प्रदर्शनकारी किसानों की उनसे बातचीत कराई गई। वीडियो कॉल पर देवेगौड़ा ने किसानों की बात सुनी और आंदोलन को लेकर उनसे संवाद किया।

वीडियो कॉल के दौरान देवेगौड़ा ने प्रदर्शन स्थल पर व्यक्तिगत रूप से नहीं पहुंच पाने का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि दांत में तेज दर्द होने के कारण डॉक्टर की सलाह पर वह फिलहाल वहां नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि वह उनकी स्थिति और आंदोलन से अवगत हैं।

देवेगौड़ा ने किसानों के आंदोलन के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वह उनके साथ हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने किसानों से कहा कि वे अपनी जमीन को लेकर डरें नहीं और उनके हितों के लिए वह संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने किसानों के पक्ष में जरूरत पड़ने पर जेल जाने की बात भी कही।

निखिल कुमारस्वामी ने भी किसानों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने JDS और अपने परिवार की ओर से किसानों के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने किसानों से स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील भी की, क्योंकि भूख हड़ताल के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ चुकी है।

बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर भैरमंगला और आसपास के क्षेत्रों में किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों की प्रमुख मांग प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को रोकने की है। उनका कहना है कि कृषि भूमि उनके परिवारों की आजीविका से जुड़ी हुई है और भूमि अधिग्रहण से उनके भविष्य पर असर पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी आपत्तियों और मांगों पर सीधे बातचीत करने की मांग की है।

किसानों ने आंदोलन तेज करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। प्रदर्शन के दौरान बिदादी-हारोहल्ली मुख्य सड़क पर ट्रैक्टर और बैलगाड़ियां खड़ी की गईं। महिला किसानों ने भी आंदोलन में बड़ी संख्या में भागीदारी की। किसानों का कहना है कि जब तक भूमि अधिग्रहण को लेकर उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा।

भूख हड़ताल के दौरान कुछ किसानों की तबीयत भी खराब हुई। रिपोर्टों के मुताबिक आंदोलन के शुरुआती दिनों में तीन किसानों को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया था। इसके बावजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन जारी रखा।

किसानों की एक मांग यह भी है कि परियोजना की समीक्षा के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति प्रभावित गांवों में पहुंचे और वहां के लोगों से सीधे बातचीत करे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसानों, खेतिहर मजदूरों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को स्थानीय स्तर पर अपनी आपत्तियां रखने का अवसर मिलना चाहिए।

इस बीच प्रदर्शन के कारण बिदादी-हारोहल्ली मुख्य मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ। शुक्रवार को पुलिस ने सड़क खाली कराने के लिए हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को हटाया। रिपोर्टों के मुताबिक 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें महिला किसान भी शामिल थीं। बाद में सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया।

बिदादी टाउनशिप परियोजना अब कर्नाटक की राजनीति में भी एक प्रमुख मुद्दा बनती जा रही है। JDS लगातार भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में बयान दे रही है। इससे पहले भी पार्टी के नेताओं ने परियोजना और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है। दूसरी ओर परियोजना को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच इसके इतिहास, भूमि अधिग्रहण तथा किसानों के हितों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।

निखिल कुमारस्वामी ने किसानों के सामने राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की और दावा किया कि भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों की कानूनी लड़ाई में उन्हें राहत मिलने की संभावना है। यह JDS नेता का राजनीतिक दावा है और परियोजना पर किसी न्यायिक रोक का अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

प्रदर्शन स्थल पर देवेगौड़ा से वीडियो कॉल पर हुई बातचीत आंदोलन का प्रमुख घटनाक्रम बन गई। किसानों की ओर से उन्हें मौके पर बुलाने की मांग के तुरंत बाद निखिल कुमारस्वामी ने उनसे संपर्क किया और किसानों की सीधी बातचीत कराई। देवेगौड़ा ने स्वास्थ्य संबंधी कारण बताते हुए फिलहाल व्यक्तिगत रूप से पहुंचने में असमर्थता जताई, लेकिन आंदोलन के प्रति अपना समर्थन दोहराया।

फिलहाल बिदादी टाउनशिप परियोजना के खिलाफ किसानों का विरोध जारी है। प्रदर्शनकारी भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया पर सरकार से ठोस फैसला चाहते हैं। निखिल कुमारस्वामी और ए. मंजूनाथ की आंदोलन स्थल पर मौजूदगी तथा देवेगौड़ा से किसानों की वीडियो कॉल पर बातचीत के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।

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