
बेंगलुरु: मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार कन्नड़ भाषा में चिकित्सा साहित्य (medical literature) के निर्माण, विकास और संरक्षण के प्रयासों को पूरा समर्थन देगी, ताकि इसकी समृद्ध परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जा सके।
राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RGUHS) द्वारा आयोजित 'दूसरे कन्नड़ चिकित्सा साहित्य सम्मेलन 2026' के लोगो और ब्रोशर को अपने कार्यालय 'कृष्णा' में जारी करते हुए, उन्होंने कहा कि कन्नड़ लोगों के जीवन का एक अभिन्न अंग है और पूरे राज्य के लोग इस भाषा को बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कन्नड़ में चिकित्सा साहित्य को बढ़ावा देना सराहनीय है और राज्य की भाषा व संस्कृति की रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने डॉक्टरों और नर्सों से अपने पेशेवर काम में कन्नड़ का उपयोग करने का आग्रह किया, और वरिष्ठ डॉक्टरों से चिकित्सा तथा तकनीकी शिक्षा में कन्नड़ के इस्तेमाल का समर्थन करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा और तकनीकी शिक्षा कन्नड़ भाषा में उपलब्ध कराई जानी चाहिए और RGUHS से इस दिशा में पहल करने को कहा।
RGUHS के कुलपति बी.सी. भगवान ने बताया कि यह विश्वविद्यालय स्वास्थ्य विज्ञान का पहला ऐसा संस्थान है जिसने इतने व्यापक स्तर पर 'कन्नड़ चिकित्सा साहित्य सम्मेलन' का आयोजन किया है। इस सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सा ज्ञान, शोध और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को कन्नड़ भाषा के माध्यम से आम जनता तक पहुँचाना है। यह सम्मेलन 20 और 21 नवंबर को बैंगलोर मेडिकल कॉलेज में आयोजित किया जाएगा।





