
बेंगलुरु: शहर की सिविल और सेशंस कोर्ट ने मंगलवार को एक अंतरिम एकतरफा अस्थायी रोक का आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत मीडिया, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म को पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया से जुड़े कथित 'स्टिंग ऑपरेशन वीडियो' को पब्लिश करने, प्रसारित करने, अपलोड करने, भेजने, फैलाने या शेयर करने से रोक दिया गया है।
XIX एडिशनल सिटी एंड सेशंस कोर्ट की जज बी. पुष्पांजलि ने सिद्धारमैया द्वारा दायर मूल मुकदमे में उनकी दो अंतरिम अर्जियों (IA) पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। उन्होंने 27 सितंबर के उस वीडियो या उसके कंटेंट को फैलाने से रोकने के लिए स्थायी रोक की मांग की थी, जो सोशल मीडिया पर उपलब्ध है और 2 अक्टूबर को प्रसारित किया गया था।
सिद्धारमैया ने कहा कि वीडियो का कैप्शन कोई निष्पक्ष या जानकारी देने वाला परिचय नहीं है, बल्कि इसे जानबूझकर उन्हें एक सनसनीखेज राजनीतिक और यौन कहानी के केंद्र में रखने के लिए तैयार किया गया है।





