कर्नाटक

प्रज्ज्वल रेवन्ना केस में नया मोड़ गवाह ने पुलिस से मांगी सुरक्षा

Ratna Netam
21 Aug 2026 3:50 PM IST
प्रज्ज्वल रेवन्ना केस में नया मोड़ गवाह ने पुलिस से मांगी सुरक्षा
x
कर्नाटक :चर्चित प्रज्वल रेवन्ना मामले में एक गवाह ने धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की है। गवाह ने अदालत में शिकायत कर कहा कि उसे लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं और उसे अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने जांच एजेंसी को शिकायत की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
गवाह ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि अगर उसके या उसके बेटे के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए आरोपी पक्ष को जिम्मेदार माना जाए। उसने आरोप लगाया कि उसे डराने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। गवाह ने अदालत से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रज्वल रेवन्ना मामला कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। इस मामले में कई वीडियो और आरोपों को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद भी सामने आए थे।
गवाह की शिकायत के बाद अदालत ने कर्नाटक अपराध जांच विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को मामले की जांच करने और अगली सुनवाई में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अदालत ने अधिकारियों को कानून के अनुसार गवाह को सुरक्षा देने के निर्देश भी दिए हैं।
गवाहों की सुरक्षा किसी भी आपराधिक मामले में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। खासकर उन मामलों में जहां आरोपी प्रभावशाली व्यक्ति हो या मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो। ऐसे मामलों में गवाहों पर दबाव या धमकी की शिकायतें जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रज्वल रेवन्ना मामले में पहले भी कई तरह के विवाद सामने आ चुके हैं। आरोपों की जांच के दौरान पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। जांच एजेंसियां लगातार मामले से जुड़े तथ्यों और सबूतों को जुटाने में लगी हैं।
गवाह की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद अब पुलिस और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अधिकारियों को यह पता लगाना होगा कि धमकी देने वाले लोग कौन हैं और क्या इसके पीछे किसी तरह की साजिश है। फोन कॉल, नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी मामले में गवाहों को डराने या प्रभावित करने की कोशिश न्याय प्रक्रिया में बाधा मानी जाती है। इसलिए अदालतें ऐसे मामलों में सुरक्षा और निष्पक्ष जांच को प्राथमिकता देती हैं।
फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और अदालत के निर्देश के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गवाह की शिकायत ने एक बार फिर प्रज्वल रेवन्ना मामले में सुरक्षा और निष्पक्ष जांच के मुद्दे को सामने ला दिया है।
Next Story