
Karnataka कर्नाटक: सरकार ने गाड़ियों के पॉल्यूशन टेस्ट और एमिशन सर्टिफिकेशन के लिए नया सॉफ्टवेयर लागू किया है, जिससे वाहन मालिकों की परेशानी खत्म होने की उम्मीद है। पुराने सिस्टम में गाड़ियों को सर्टिफाइड होने के बावजूद दूसरे राज्यों में फाइन का सामना करना पड़ता था, क्योंकि ट्रांसपोर्ट अधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस को पुराने सॉफ्टवेयर में वाहन की एमिशन डिटेल्स दिखाई नहीं देती थीं।
इस समस्या की वजह यह थी कि राज्य में इस्तेमाल होने वाला पुराना सॉफ्टवेयर NIC के साथ इंटीग्रेटेड नहीं था। परिणामस्वरूप, सर्टिफाइड और पॉल्यूशन टेस्ट पास गाड़ियों पर भी दूसरे राज्यों में ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा फाइन लगाया जाता था।
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के एडिशनल कमिश्नर (एनवायरनमेंट और ई-गवर्नेंस) ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि नया सॉफ्टवेयर पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सेंटर (PUCC) अब ‘Vahan-4’ के साथ पूरी तरह इंटीग्रेटेड है। इस वजह से अब वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालते ही यह पता चल जाएगा कि गाड़ी का एयर पॉल्यूशन टेस्ट कब हुआ था, अगली टेस्ट कब जरूरी है, इंजन की स्थिति क्या है, गाड़ी कितनी पुरानी है और मालिक की पूरी जानकारी, फोन नंबर समेत, उपलब्ध होगी।
स्मोक चेक और अन्य टेस्ट की डिटेल्स भी नए सिस्टम में रिकॉर्ड होंगी और पॉल्यूशन लेवल (नॉर्म) की जानकारी भी सॉफ्टवेयर में उपलब्ध होगी। इसके अलावा, प्रत्येक गाड़ी के स्मोक टेस्ट सर्टिफिकेट पर QR कोड होगा, जिसे देश में कहीं भी स्कैन करने पर गाड़ी के एमिशन टेस्ट और सारी डिटेल्स तुरंत दिखाई देंगी।
नए सॉफ्टवेयर को लागू करने के लिए पहले तीन टेंडर अलग-अलग कारणों से कैंसिल हो गए थे। चौथा टेंडर प्रोसेस पूरा हो गया था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया था। अब सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है और टेक्निकल कमर्शियल टेंडर जीतने वाली कंपनी ‘मेरू इन्फो सॉल्यूशन’ इसे लागू कर रही है।
ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि नए सिस्टम के लागू होने के बाद वाहन मालिकों को फाइन से राहत मिलेगी और ट्रैफिक अधिकारियों को गाड़ियों के पॉल्यूशन टेस्ट की जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी। यह पहल एयर पॉल्यूशन नियंत्रण और ट्रैफिक मैनेजमेंट दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नए PUCC सॉफ्टवेयर से वाहन मालिकों के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। गाड़ियों की एमिशन डिटेल्स ऑनलाइन रिकॉर्ड होने से किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गलत फाइन का मामला खत्म हो जाएगा।
सरकार ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के स्मोक टेस्ट और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट अपडेट कराएं, ताकि नया सिस्टम उन्हें पूरी सुरक्षा और सुविधा प्रदान कर सके।





