
बंटवाल (कर्नाटक)। पश्चिमी घाट क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दक्षिण कन्नड़ जिले के बंटवाल तालुक में बाढ़ की स्थिति बन गई है। नेत्रवती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद नदी किनारे बसे कई निचले इलाकों में पानी भर गया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, बंटवाल क्षेत्र में नेत्रवती नदी का जलस्तर रविवार शाम को 7.4 मीटर दर्ज किया गया था, जो सोमवार सुबह बढ़कर 8.5 मीटर तक पहुंच गया। नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी और संभावित खतरे वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई।
निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी
नदी का जलस्तर बढ़ने से बंटवाल तालुक के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। पनेमंगलुरु और अलादकापदपु समेत आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का असर सबसे अधिक देखा गया।
इन इलाकों में 15 से अधिक घरों में पानी घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों में पानी भरने के बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू की।
अधिकारियों और स्थानीय कर्मचारियों ने लोगों को सुरक्षित निकालकर ऐसे स्थानों पर पहुंचाया, जहां उनके रहने और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा सके।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखनी शुरू कर दी है। राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी स्थिति का लगातार जायजा ले रहे हैं।
अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।
बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में पहले से ही चेतावनी जारी की गई थी, ताकि लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
पश्चिमी घाट में भारी बारिश का असर
दक्षिण कन्नड़ जिले के कई हिस्सों में पश्चिमी घाट क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश का सीधा असर देखने को मिल रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ रहा है।
नेत्रवती नदी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोतों में से एक है। मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ना सामान्य है, लेकिन लगातार बारिश के कारण इस बार कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।
लोगों में बढ़ी चिंता
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों में चिंता का माहौल है। कई परिवारों को अचानक घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पानी तेजी से बढ़ने के कारण घरों और सामान को बचाने का समय नहीं मिल पाया।
प्रभावित लोगों ने प्रशासन से राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। जिन इलाकों में पानी भर गया है, वहां बिजली, पेयजल और आवागमन जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
राहत और बचाव के लिए तैयार प्रशासन
प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर ली है। स्थानीय स्तर पर राहत टीमों को सक्रिय रखा गया है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि नदी का जलस्तर और बढ़ता है तो अतिरिक्त राहत और बचाव उपाय किए जाएंगे।
मानसून में सावधानी की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
लोगों से कहा गया है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
दक्षिण कन्नड़ के बंटवाल में नेत्रवती नदी का बढ़ता जलस्तर एक बार फिर मानसून के दौरान आने वाली चुनौतियों को सामने ला रहा है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित इलाकों में स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है।





