कर्नाटक

मैसूर दशहरा की तैयारियां तेज, वरिष्ठ हाथी अभिमन्यु की पैलेस में वापसी से बढ़ा उत्साह

Kavita2
5 Oct 2026 1:06 PM IST
मैसूर दशहरा की तैयारियां तेज, वरिष्ठ हाथी अभिमन्यु की पैलेस में वापसी से बढ़ा उत्साह
x

कर्नाटक : मैसूर में दशहरा महोत्सव की तैयारियां अब अपने चरम की ओर बढ़ रही हैं। भव्य मैसूर दशहरा के प्रमुख आकर्षण जंबू सवारी को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच लंबे समय से दशहरा महोत्सव का हिस्सा रहे वरिष्ठ हाथी अभिमन्यु की मैसूर पैलेस में वापसी ने उत्सव के माहौल को और खास बना दिया है। इस साल अभिमन्यु को जंबू सवारी के लिए ‘निशाने हाथी’ यानी झंडा उठाने वाले हाथी की भूमिका दी गई है। वह जुलूस में हाथियों के दल का नेतृत्व करेगा।

मैसूर दशहरा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख उत्सव है। हर साल इस दौरान मैसूर शहर रोशनी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक जुलूसों से सज जाता है। दशहरा समारोह का सबसे प्रमुख आकर्षण जंबू सवारी होती है, जिसमें सजे-धजे हाथियों का दल ऐतिहासिक मैसूर पैलेस से निकलकर बन्नीमंटप की ओर बढ़ता है। इस पारंपरिक जुलूस में हाथियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।

अभिमन्यु की भूमिका इस बार बदली

अभिमन्यु पिछले कई वर्षों से मैसूर दशहरा की जंबू सवारी का प्रमुख हाथी रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, उसने 2020 से 2025 तक लगातार छह वर्षों तक स्वर्ण हौदा उठाया था। हालांकि उम्र से जुड़ी वजहों के कारण इस वर्ष शुरुआत में उसका चयन दशहरा दल के लिए नहीं किया गया था। बाद में अभिमन्यु को सम्मानजनक विदाई देने की मांग उठी और सरकार ने उसे इस वर्ष जंबू सवारी में ‘निशाने’ हाथी की भूमिका देने का फैसला किया।

‘निशाने हाथी’ का मतलब झंडा उठाने वाला हाथी होता है। जंबू सवारी में इसकी विशेष भूमिका होती है, क्योंकि यह हाथियों के दल के आगे चलता है और पूरे जुलूस को नेतृत्व प्रदान करता है। इसलिए अभिमन्यु की इस साल की भूमिका स्वर्ण हौदा उठाने से अलग होते हुए भी बेहद महत्वपूर्ण है।

जंबू सवारी में खास महत्व

मैसूर दशहरा की जंबू सवारी उत्सव का सबसे चर्चित हिस्सा होती है। इस दौरान हाथियों को विशेष रूप से सजाया जाता है और पारंपरिक तौर-तरीकों के साथ उन्हें जुलूस में शामिल किया जाता है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 2026 की जंबू सवारी 21 अक्टूबर को मैसूर पैलेस से बन्नीमंटप तक निकलेगी।

इस दौरान अभिमन्यु की भूमिका पर लोगों की खास नजर रहेगी। लंबे समय तक दशहरा जुलूस में शामिल रहने के कारण अभिमन्यु को इस परंपरा से जुड़े प्रमुख हाथियों में गिना जाता है। उसकी मौजूदगी से इस साल के समारोह में परंपरा और अनुभव का एक अलग रंग देखने को मिलेगा।

दशहरा की तैयारियों का केंद्र बना पैलेस

मैसूर पैलेस इस समय पूरे दशहरा आयोजन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक 11 से 21 अक्टूबर तक दशहरा के मुख्य आयोजन होंगे। इससे पहले भी शहर में कई कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। युवा दशहरा का आयोजन 28 सितंबर से 5 अक्टूबर तक किया जा रहा है, जबकि आगे फल-फूल प्रदर्शनी, खाद्य मेला और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।

पैलेस परिसर में तैयारियां, सजावट और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। दशहरा के दौरान बड़ी संख्या में लोग मैसूर पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन और पुलिस की ओर से भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक ने हाल ही में दशहरा को लेकर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की थी।

शहर में बढ़ने लगी उत्सव की रौनक

जैसे-जैसे दशहरा की मुख्य तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे मैसूर में उत्सव का माहौल भी गहराता जा रहा है। पैलेस और शहर के प्रमुख हिस्सों में रोशनी और सजावट की तैयारियां की जा रही हैं। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार दशहरा के दौरान मैसूर पैलेस की रोशनी भी हर शाम आकर्षण का बड़ा केंद्र रहेगी।

इस बार राज्य सरकार ने दशहरा समारोह में कुछ नए सांस्कृतिक तत्व जोड़ने की भी घोषणा की है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के अनुसार जुलूस में दूसरे राज्यों के सांस्कृतिक दलों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे कार्यक्रम को और व्यापक स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है।

अभिमन्यु की वापसी से बढ़ा आकर्षण

अभिमन्यु की मैसूर पैलेस में वापसी को लेकर भी लोगों में उत्साह है। छह वर्षों तक स्वर्ण हौदा उठाने वाले इस हाथी को इस बार एक अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब वह जंबू सवारी के दौरान झंडा उठाकर हाथियों के दल का नेतृत्व करेगा।

अभिमन्यु की उम्र और लंबे अनुभव को देखते हुए उसकी भूमिका को इस वर्ष एक सम्मानजनक जिम्मेदारी के तौर पर देखा जा रहा है। जिस हाथी ने वर्षों तक मैसूर दशहरा की सबसे महत्वपूर्ण परंपराओं में प्रमुख भूमिका निभाई, वह अब नए दायित्व के साथ जुलूस का हिस्सा बनेगा।

21 अक्टूबर को होगा मुख्य जुलूस

2026 का मैसूर दशहरा 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। मुख्य आकर्षण जंबू सवारी 21 अक्टूबर को होगी, जो मैसूर पैलेस से बन्नीमंटप तक निकलेगी। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक पुष्पार्चना के बाद जुलूस शुरू होगा।

अब जैसे-जैसे मुख्य आयोजन की तारीख करीब आ रही है, मैसूर की सड़कों और पैलेस परिसर में तैयारियां तेज होती जा रही हैं। अभिमन्यु की वापसी ने दशहरा की पारंपरिक भव्यता में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। इस बार उसकी भूमिका स्वर्ण हौदा उठाने वाले हाथी की नहीं, बल्कि जंबू सवारी का नेतृत्व करने वाले ‘निशाने हाथी’ की होगी। ऐसे में 21 अक्टूबर को होने वाली जंबू सवारी में अभिमन्यु की अगुवाई देखने के लिए लोगों की खास दिलचस्पी रहेगी।

Next Story