कर्नाटक

MP बसवराज बोम्मई ने ऑनरेरी डॉक्टरेट लेने से किया इंकार

Kavita2
5 April 2026 1:47 PM IST
MP बसवराज बोम्मई ने ऑनरेरी डॉक्टरेट लेने से किया इंकार
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Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री MP बसवराज बोम्मई ने हावेरी यूनिवर्सिटी द्वारा ऑफ़र किए गए ऑनरेरी डॉक्टरेट को लेने से साफ़ इनकार कर दिया है। उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर दी और अपने विचारों का विस्तार से खुलासा किया।

पोस्ट में बोम्मई ने कहा कि उन्होंने पहले ही यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को यह बता दिया था कि वह ऑनरेरी डॉक्टरेट स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना था कि सार्वजनिक सेवा में रहते हुए उन्हें किसी अवॉर्ड या सम्मान की अपेक्षा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, "मैं पब्लिक सर्विस के लिए लोगों के प्यार और भरोसे को अपना सबसे बड़ा सम्मान मानता हूँ। इसलिए मैं विनम्रता से दोहराता हूँ कि मैं ऑनरेरी डॉक्टरेट नहीं लूँगा।"

बसवराज बोम्मई ने अपने पोस्ट में कहा कि ऑनरेरी डॉक्टरेट एक ऐसा सम्मान है जो केवल उन लोगों को दिया जाना चाहिए जिन्होंने लंबे समय तक किसी फील्ड में असाधारण और विशेष सेवा की हो। उनके अनुसार, ऐसे सम्मान का मकसद वास्तविक अचीवमेंट और योगदान को पहचानना है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक नेताओं या वे लोग जो अपनी मर्ज़ी से समाज सेवा या पब्लिक सर्विस में लगे हैं, उनके लिए ऑनरेरी डॉक्टरेट देना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा, "मेरी पर्सनल राय है कि पॉलिटिशियन या जो लोग अपनी मर्ज़ी से सोशल सर्विस में लगे हैं, उन्हें ऑनरेरी डॉक्टरेट देना सही नहीं है। मैंने इस मामले पर फिर से सोचने की अपील की है।" उनके इस कदम को कई विशेषज्ञ पब्लिक सर्विस और ईमानदारी के दृष्टिकोण से सराह रहे हैं।

इस फैसले के पीछे बसवराज बोम्मई का दृष्टिकोण यह है कि सम्मान केवल उस व्यक्ति को मिलना चाहिए जिसने समाज, शिक्षा, विज्ञान, कला या किसी विशेष क्षेत्र में लंबी और महत्वपूर्ण सेवा की हो। उनका यह कदम यह संदेश देता है कि नेता को खुद को सम्मानित करने की बजाय अपने काम और जनता की सेवा को प्राथमिकता देनी चाहिए।

बसवराज बोम्मई के इस निर्णय से यह भी स्पष्ट होता है कि वे किसी भी व्यक्तिगत या औपचारिक पुरस्कार के लिए प्रेरित नहीं हैं और उनका फोकस केवल जनता की भलाई और सार्वजनिक सेवा पर है। उन्होंने कहा कि लोगों का प्यार और भरोसा ही उनका सबसे बड़ा सम्मान है और यही उन्हें आगे काम करने की प्रेरणा देता है।

इस कदम को सोशल मीडिया और जनता में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। लोगों ने उनके ईमानदार और सच्चे दृष्टिकोण की सराहना की और इसे पब्लिक सर्विस के आदर्श के रूप में देखा।

बसवराज बोम्मई का यह फैसला राज्य में सार्वजनिक सेवा और नेताओं की जिम्मेदारी पर नए दृष्टिकोण को सामने लाता है। उनका मानना है कि पुरस्कार और सम्मान केवल उन व्यक्तियों के लिए होना चाहिए जिन्होंने अपने क्षेत्र में वास्तविक और महत्वपूर्ण योगदान दिया हो, न कि केवल पद या पदवी के कारण।

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