
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के वजराहल्ली इलाके में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई। बीसीसीएचएस लेआउट स्थित एक घर में चार महीने की जुड़वां बच्चियों की पानी से भरी बाल्टी में डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने बच्चियों की मां उमादेवी (44) पर उनकी हत्या का आरोप दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की।
तलाघट्टापुर पुलिस स्टेशन में उमादेवी के पति रामलिंगप्पा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बच्चियों की मौत और महिला की कथित आत्महत्या की कोशिश ने परिवार और आसपास के लोगों को स्तब्ध कर दिया है।
पति की शिकायत पर मामला दर्ज
पुलिस के अनुसार, रामलिंगप्पा की शिकायत पर उनकी पत्नी उमादेवी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय घर में क्या परिस्थितियां थीं और घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा।
जांच में परिवार के सदस्यों के बयान के साथ महिला के उपचार और हाल के व्यवहार से जुड़ी जानकारी को भी देखा जा रहा है। पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
2002 में हुई थी शादी
रामलिंगप्पा और उमादेवी की शादी वर्ष 2002 में हुई थी। रामलिंगप्पा रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े हैं। लंबे समय बाद दंपती के घर जुड़वां बेटियों का जन्म हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, उमादेवी ने इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानी IVF उपचार के बाद 5 मई 2026 को जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया था। दोनों बच्चियां करीब चार महीने की थीं।
परिवार में जुड़वां बच्चियों के जन्म के बाद खुशी का माहौल था, लेकिन मंगलवार को हुई घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
पिछले डेढ़ महीने से व्यवहार में बदलाव
पति की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले करीब डेढ़ महीने से उमादेवी के व्यवहार में बदलाव दिखाई दे रहा था। बताया गया कि वह बच्चियों में पहले जैसी दिलचस्पी नहीं दिखा रही थीं।
परिवार के अनुसार, वह किसी आश्रम में भर्ती होने की बात भी करती थीं। उनके व्यवहार में आए बदलाव को देखते हुए उनका मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार चल रहा था।
हालांकि किसी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य उपचार में होने मात्र से किसी हिंसक घटना का कारण निर्धारित नहीं किया जा सकता। पुलिस घटना के पीछे की परिस्थितियों और अन्य संभावित कारणों की अलग-अलग जांच कर रही है।
NIMHANS में चल रहा था इलाज
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, उमादेवी का बेंगलुरु स्थित NIMHANS में मनोरोग संबंधी उपचार चल रहा था। जांच के दौरान पुलिस संबंधित चिकित्सकीय जानकारी और उपचार के इतिहास को भी आवश्यक प्रक्रिया के तहत देख सकती है।
यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना करने वाले अधिकांश लोग हिंसक नहीं होते। इसलिए इस मामले में महिला की चिकित्सकीय स्थिति और घटना के बीच किसी संबंध की पुष्टि जांच तथा विशेषज्ञों की राय के बाद ही की जा सकती है।
पानी से भरी बाल्टी में मिलीं बच्चियां
पुलिस के सामने आए शुरुआती आरोप के अनुसार, मंगलवार दोपहर घर में दोनों बच्चियों को पानी से भरी बाल्टी में डुबोया गया। पुलिस ने मां के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
चार महीने की दोनों बच्चियों की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले घर में कौन-कौन मौजूद था और घटना की जानकारी सबसे पहले किसे मिली।
महिला ने भी की आत्महत्या की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, बच्चियों की मौत के बाद उमादेवी ने कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जान देने की कोशिश की। इस घटनाक्रम से संबंधित परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला ने यह कदम कब उठाया और परिवार को घटना की जानकारी कैसे मिली। जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
परिवार के बयान अहम
मामले की जांच में रामलिंगप्पा का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी शिकायत के आधार पर ही तलाघट्टापुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस परिवार के अन्य सदस्यों और आसपास के लोगों से भी आवश्यक जानकारी जुटा सकती है। महिला के पिछले कुछ सप्ताह के व्यवहार, घर की परिस्थितियों और इलाज से संबंधित तथ्यों को जांच में शामिल किया जा सकता है।
पुलिस कई पहलुओं से कर रही जांच
मामला दो मासूम बच्चियों की मौत से जुड़ा होने के कारण पुलिस जांच में घटनास्थल से मिले साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। फोरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर घटनाक्रम की पुष्टि की जाएगी।
पुलिस यह भी जांचेगी कि बच्चियों की मौत किस समय और किन परिस्थितियों में हुई। इसके साथ ही महिला की कथित आत्महत्या की कोशिश से जुड़े साक्ष्यों की भी पड़ताल की जाएगी।
IVF से हुआ था जुड़वां बेटियों का जन्म
दंपती के लिए दोनों बच्चियों का जन्म खास था। IVF उपचार के बाद 5 मई को उमादेवी ने जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। घटना के समय दोनों बच्चियां महज चार महीने की थीं।
अब अचानक दोनों बच्चियों की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। आसपास के लोगों के लिए भी घटना स्तब्ध करने वाली है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
तलाघट्टापुर पुलिस ने पति की शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस के सामने कई सवाल हैं, जिनका जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।
पुलिस के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, परिवार के बयान और अन्य संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण होगी। इन्हीं के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि मंगलवार दोपहर घर में वास्तव में किस क्रम में घटनाएं हुईं।
चार महीने की दो बच्चियों की मौत और उनकी मां की कथित आत्महत्या की कोशिश से जुड़ा यह मामला बेहद संवेदनशील है। पुलिस अब तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।





