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कर्नाटक में मॉनसून पर ब्रेक जारी 40 प्रतिशत हिस्से में नहीं हुई बारिश तटीय क्षेत्रों में राहत

Kavita2
14 Aug 2026 10:40 AM IST
कर्नाटक में मॉनसून पर ब्रेक जारी 40 प्रतिशत हिस्से में नहीं हुई बारिश तटीय क्षेत्रों में राहत
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बेंगलुरु: कर्नाटक में मॉनसून की रफ्तार लगातार धीमी बनी हुई है। गुरुवार को भी मॉनसून का ठहराव नौवें दिन जारी रहा। राज्य के करीब 40 प्रतिशत हिस्से में बारिश नहीं हुई, जबकि पिछले 24 घंटों के दौरान केवल तटीय कर्नाटक के कुछ इलाकों में हल्की से भारी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं हो पाई। इससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि, तटीय क्षेत्रों में हुई बारिश ने कुछ राहत जरूर दी है।

गुरुवार को उत्तर कन्नड़ जिले के निलकुंड में सबसे ज्यादा 88.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद शिवमोग्गा जिले के करीमाने में 74 मिलीमीटर और उडुपी जिले के हेंगावली में 62.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इन इलाकों में अच्छी बारिश के कारण स्थानीय जल स्रोतों में सुधार देखने को मिला है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मॉनसून की यह कमजोरी राज्य में बारिश के वितरण को प्रभावित कर रही है। सामान्य तौर पर जुलाई और अगस्त के दौरान कर्नाटक के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होती है, लेकिन इस बार कई जिलों में बारिश का असमान वितरण देखने को मिल रहा है।

राज्य के कई कृषि क्षेत्रों में किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त बारिश बेहद जरूरी होती है। अगर लंबे समय तक बारिश में कमी रहती है तो बुवाई और फसल की वृद्धि पर असर पड़ सकता है।

कर्नाटक के उत्तरी और आंतरिक हिस्सों में बारिश की कमी ज्यादा महसूस की जा रही है। इन क्षेत्रों में खेती काफी हद तक मॉनसून पर निर्भर रहती है। कम बारिश की स्थिति में किसानों को सिंचाई और पानी की उपलब्धता को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं, तटीय कर्नाटक में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है। उत्तर कन्नड़, उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जैसे जिलों में समय-समय पर बारिश हो रही है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कई बार जलभराव जैसी स्थिति भी बनती है।

मौसम विभाग लगातार राज्य के मौसम पर नजर बनाए हुए है। विभाग का कहना है कि मॉनसून की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

कर्नाटक में मॉनसून की स्थिति का असर जलाशयों और बांधों पर भी पड़ता है। राज्य के कई बड़े बांध और जल स्रोत बारिश पर निर्भर करते हैं। अच्छी बारिश होने से जहां जल भंडारण बढ़ता है, वहीं कम बारिश की स्थिति में भविष्य में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन भी बारिश की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से किसानों को मौसम के अनुसार खेती से जुड़े निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की सक्रियता में कमी के पीछे कई वायुमंडलीय कारण हो सकते हैं। हवा के पैटर्न में बदलाव और बारिश वाले सिस्टम की कमजोर गतिविधियों के कारण कई बार पूरे राज्य में समान बारिश नहीं हो पाती।

फिलहाल कर्नाटक में मॉनसून की स्थिति मिली-जुली बनी हुई है। जहां कुछ तटीय क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो रही है, वहीं राज्य के बड़े हिस्से में अब भी बारिश का इंतजार है। अगले कुछ दिनों में मॉनसून की गतिविधियों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

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