
Karnataka कर्नाटक: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कर्नाटक में साउथ-वेस्ट मॉनसून के तेज होने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसको देखते हुए कोस्टल, मलनाड और उत्तरी अंदरूनी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
IMD के अनुमान के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में साउथ-वेस्ट मॉनसून राज्य के और अधिक हिस्सों में सक्रिय हो जाएगा। इसके पीछे ईस्ट-सेंट्रल अरब सागर के ऊपर बना ऊपरी स्तर का साइक्लोनिक सर्कुलेशन और कोस्टल कर्नाटक से गुजरने वाली तेज हवाएं प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। इन मौसमीय स्थितियों के चलते पूरे राज्य में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है।
कोस्टल कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों में सबसे अधिक बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि मंगलवार और बुधवार को उत्तर कन्नड़ जिले के लिए रेड अलर्ट लागू रहेगा। इन दिनों में कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मलनाड क्षेत्र में भी लगातार भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। चिकमगलुरु, शिवमोग्गा और कोडागु जिलों में सोमवार से गुरुवार तक तेज बारिश जारी रहने का अनुमान है। इन इलाकों में नदियों के जलस्तर बढ़ने और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन को पहले से ही एहतियाती कदम उठाने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक में भी मौसम का असर देखा जा रहा है। बेलगाम, धारवाड़, हावेरी, गडग और रायचूर जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से बुधवार को बेलगाम, धारवाड़ और हावेरी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में सोमवार से बुधवार तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयों को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय सक्रिय मौसमीय प्रणाली के कारण राज्य में मानसून की तीव्रता बढ़ गई है। यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो अगले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
फिलहाल पूरे कर्नाटक में प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है और आपात सेवाओं को तैयार रखा गया है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके।





