
बेंगलुरु: कर्नाटक में ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) के साथ कथित बदसलूकी और थप्पड़ मारने के मामले में बीजेपी विधायक बी. सुरेश गौड़ा ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। विधायक ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी भी व्यक्ति को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए।
विधान सौधा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए सुरेश गौड़ा ने कहा कि संभव है कि उनकी बेटी ऐश्वर्या ने उस समय अपना आपा खो दिया हो, लेकिन ऐसी घटनाएं उचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को संयम और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।
यह मामला भीमा अमावस्या के अवसर पर श्रीरंगपट्टनम तालुक के उक्कडा मंदिर से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि विधायक की बेटी ऐश्वर्या अपने दो छोटे बच्चों के साथ मंदिर में आरती में शामिल होने पहुंची थीं। उस दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
आरोप है कि मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही PSI सविता बी. पाटिल ने भीड़ और व्यवस्था को देखते हुए ऐश्वर्या को अंदर जाने से रोक दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई।
विधायक सुरेश गौड़ा ने कहा कि उन्हें घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस को उनकी बेटी का पक्ष भी सुनना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की है। विधायक ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले के अनुसार, 12 अगस्त की रात करीब 8:15 बजे मांड्या महिला पुलिस स्टेशन की PSI सविता बी. पाटिल को भीमा अमावस्या के मौके पर मंदिर में विशेष सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया गया था।
घटना के बाद PSI की शिकायत पर ऐश्वर्या के खिलाफ क्यातानाहल्ली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। आरोपों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
पुलिस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ऐश्वर्या ने ड्यूटी कर रही PSI के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया, थप्पड़ मारा, मारपीट की और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। हालांकि, मामले में सभी पक्षों की जांच की जा रही है।
विधायक सुरेश गौड़ा ने अपनी बेटी का बचाव करते हुए कहा कि घटना के पीछे कुछ परिस्थितियां भी रही होंगी। उन्होंने कहा कि मंदिर में भारी भीड़ थी और संभव है कि VIP लाइन से जुड़े लोगों को प्रवेश दिए जाने को लेकर गलतफहमी हुई हो।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं होना चाहिए, लेकिन जांच में सभी पक्षों को सुना जाना जरूरी है। उन्होंने मामले को निष्पक्ष तरीके से देखने की अपील की।
घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पुलिस विभाग की ओर से भी मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों और उनके परिवारों से जुड़े मामलों में अक्सर जिम्मेदारी और आचरण को लेकर सवाल उठते हैं। इसी को देखते हुए विधायक का माफी मांगना इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल ऐश्वर्या के खिलाफ दर्ज मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।





