
Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के विधायक अरागा ज्ञानेंद्र ने रेवेन्यू, फॉरेस्ट और पुलिस विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ये विभाग गैर-कानूनी रेत परिवहन करने वालों के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार अधिकारियों को ‘प्रॉक्सी’ बनाकर रेत संसाधनों का कथित रूप से दुरुपयोग कर रही है।
बुधवार को विधायक अरागा ज्ञानेंद्र ने तालुक क्षेत्र के डब्बानगड्डे गांव में तुंगा नदी के पास स्थित एक सरकारी रेत खदान का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण उस शिकायत के बाद किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सरकारी खदान से अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जा रहा है।
विधायक ने कहा कि पिछले वर्ष सरकारी नियमों के उल्लंघन पर एक कॉन्ट्रैक्टर पर 1 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन अब वही गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग अब नियमों के बाहर जाकर अवैध गतिविधियों को अनुमति दे रहे हैं। उनके अनुसार, तालुक रेत निगरानी समिति भी प्रभावी निगरानी करने के बजाय केवल औपचारिकता निभा रही है।
निरीक्षण के दौरान अरागा ज्ञानेंद्र ने बीजेपी नेताओं के साथ स्टॉकयार्ड क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन भी किया। उन्होंने दावा किया कि अचानक किए गए दौरे में खदान परिसर में जेसीबी और हिताची मशीनों का उपयोग अवैध रूप से रेत निकालने के लिए किया जा रहा था। उन्होंने मांग की कि पुलिस विभाग तुरंत इन मशीनों को जब्त करे और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
विधायक ने कहा कि यह स्थिति गंभीर है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी संसाधनों का बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में प्रशासनिक लापरवाही और कथित मिलीभगत साफ दिखाई देती है।
इस दौरान जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अशोक मूर्ति और तालुक पंचायत के पूर्व सदस्य प्रशांत कुक्के भी मौजूद थे। उन्होंने भी क्षेत्र में हो रही गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की और सख्त कार्रवाई की मांग का समर्थन किया।
वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर रेत खनन और परिवहन से जुड़े नियमों की निगरानी पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।





