
बेंगलुरु: 8 अक्टूबर को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, कर्नाटक सरकार ने राज्य के मंत्रियों और लोकसभा व राज्यसभा सदस्यों के लिए नई गाड़ियां खरीदने की वित्तीय सीमा 26 लाख रुपये से बढ़ाकर 31 लाख रुपये कर दी है।
कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (DPAR-राज्य प्रोटोकॉल) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 31 लाख रुपये की नई सीमा में गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) शामिल है और इसकी गणना एक्स-शोरूम दर के आधार पर की गई है।
सरकार ने इससे पहले 18 अगस्त, 2022 के आदेश के ज़रिए गाड़ी खरीदने की सीमा में बदलाव किया था और इसे एक्स-शोरूम दर पर 23 लाख रुपये तय किया था, जो GST मिलाकर 26 लाख रुपये होता था।
यह ताज़ा बदलाव वित्त विभाग की 30 सितंबर, 2026 की सहमति (संदर्भ संख्या Aa 70 Veche-12/2020) के बाद किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि नई गाड़ियां खरीदते समय DGS&D दरों के तहत कम मेंटेनेंस खर्च वाली और ईंधन-कुशल (फ्यूल-एफिशिएंट) गाड़ियों को चुना जाना चाहिए।
यह आदेश कर्नाटक के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है और इस पर DPAR के अंडर सेक्रेटरी-2, बारादरंगय्या एन.आर. के हस्ताक्षर हैं।
इस नई सीमा से मंत्रियों और संसद के दोनों सदनों के सदस्यों के लिए नई गाड़ियों पर होने वाला मंज़ूरशुदा खर्च, GST सहित पहले की 26 लाख रुपये की सीमा से बढ़कर 31 लाख रुपये हो गया है।





