
Kalaburagi कलबुर्गी : मेडिकल एजुकेशन मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने मंगलवार को मांग की कि केंद्र सरकार उन छात्रों के परिवारों को मुआवजा दे, जिन्होंने कथित NEET क्वेश्चन पेपर लीक के बाद आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि इस घटना ने कई होनहार छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इससे गंभीर सामाजिक चिंता पैदा हुई है।
एक निजी समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में शरण प्रकाश पाटिल ने कहा कि अगर केंद्र सरकार में थोड़ी भी संवेदनशीलता है, तो उसे ऐसे सभी परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा करनी चाहिए, जिन्होंने इस कथित पेपर लीक के कारण अपने बच्चों को खो दिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल परीक्षा की अनियमितता का नहीं, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
उन्होंने यह भी कहा कि NEET परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने वाले कई प्रतिभाशाली छात्रों के साथ अन्याय हुआ है, क्योंकि पेपर लीक की घटनाओं के कारण उन्हें एक बार फिर परीक्षा देने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा को लेकर इस तरह की अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार खामियां सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों का भरोसा प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने पहले भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया है। उनके अनुसार, परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिन्हें तत्काल सुधारने की आवश्यकता है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। छात्र संगठनों और अभिभावकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ रही है।
फिलहाल, सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से इस पर आगे की कार्रवाई और सुधारात्मक कदमों को लेकर नजरें टिकी हुई हैं।





