कर्नाटक

इस्लाम बयान पर मंत्री रायरेड्डी की सफाई

Kavita2
31 Aug 2026 10:10 AM IST
इस्लाम बयान पर मंत्री रायरेड्डी की सफाई
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कोप्पल: इस्लाम धर्म को लेकर दिए गए अपने बयान के बाद विवादों में घिरे कर्नाटक के मंत्री बसवराज रायरेड्डी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और उनका उद्देश्य किसी भी धर्म को कमतर बताना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और हर धर्म की अच्छी बातों को महत्व देते हैं।

यालबुर्गा शहर में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखते हुए मंत्री रायरेड्डी ने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में इस्लाम धर्म की कुछ सकारात्मक बातों का उल्लेख किया था। उनका मकसद किसी अन्य धर्म की आलोचना करना या तुलना करना नहीं था। उन्होंने कहा कि सभी धर्म महान हैं और हर धर्म में मानवता, नैतिकता और अच्छे विचारों की शिक्षा दी जाती है।

बयान को लेकर हुआ था विवाद

मंत्री बसवराज रायरेड्डी के इस्लाम से जुड़े बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई थी। उनके बयान को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और इसे विवाद का विषय बना दिया। इसके बाद मंत्री ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की।

रायरेड्डी ने कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया। उन्होंने कहा कि वह किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं और हमेशा सभी धर्मों के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति विभिन्न धर्मों और परंपराओं के सम्मान पर आधारित है।

इस्लाम की अच्छी बातों का किया था जिक्र

मंत्री ने बताया कि अपने भाषण के दौरान उन्होंने इस्लाम धर्म की कुछ अच्छी शिक्षाओं का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा कि इस्लाम में भी कई महान विचार और मानवीय मूल्य मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि उन्होंने यह नहीं कहा कि कोई धर्म दूसरे धर्म से कमतर है। उनका उद्देश्य केवल अलग-अलग धर्मों में मौजूद अच्छी बातों को सामने रखना था। रायरेड्डी ने कहा कि हर धर्म इंसान को बेहतर जीवन जीने और अच्छे कार्य करने की प्रेरणा देता है।

सभी धर्मों के अध्ययन की बात कही

बसवराज रायरेड्डी ने कहा कि वह अलग-अलग धर्मों को समझने में रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्म का अध्ययन करेंगे ताकि उनके विचारों और शिक्षाओं को बेहतर तरीके से समझ सकें।

उन्होंने यह भी बताया कि वह पहले कई धार्मिक स्थलों का दौरा कर चुके हैं। उनका मानना है कि अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों को समझने से समाज में आपसी सम्मान और भाईचारा बढ़ता है।

हज यात्रा की जताई इच्छा

मंत्री रायरेड्डी ने बातचीत के दौरान हज यात्रा पर जाने की इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह इस्लाम धर्म के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल मक्का-मदीना की यात्रा करना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल परिस्थितियों के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने कहा कि वह सभी धर्मों की परंपराओं और मान्यताओं को जानने में विश्वास रखते हैं। उनके अनुसार, धार्मिक यात्राएं और अध्ययन व्यक्ति को व्यापक सोच विकसित करने में मदद करते हैं।

खुद को किसी धर्म से नहीं जोड़ते

रायरेड्डी ने कहा कि वह किसी विशेष धर्म को नहीं मानते हैं, लेकिन सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका नजरिया मानवता और अच्छे विचारों पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि धर्मों के बीच तुलना करने के बजाय उनके सकारात्मक संदेशों को समझना जरूरी है। समाज में शांति और एकता बनाए रखने के लिए सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए।

विवाद खत्म करने की कोशिश

मंत्री की सफाई को उनके बयान से पैदा हुए विवाद को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।

उन्होंने कहा कि भारत जैसे विविधता वाले देश में सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनके बयान को सही संदर्भ में समझा जाए और किसी भी गलतफहमी से बचा जाए।

फिलहाल, बसवराज रायरेड्डी के बयान और उनकी सफाई को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है। मंत्री ने अपने पक्ष को स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह सभी धर्मों की अच्छाइयों का सम्मान करते हैं और समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने के पक्षधर हैं।

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