
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार में मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने सोमवार सुबह शहर की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (ठोस कचरा प्रबंधन) व्यवस्था का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने सुबह तड़के ही मौके पर पहुंचकर सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
यह निरीक्षण अभियान सुबह करीब 5:30 बजे शुरू हुआ, जिसमें बैंगलोर नॉर्थ सिटी कॉरपोरेशन (BNCC) के अंतर्गत आने वाले मल्लासंद्रा और जलाहल्ली क्षेत्रों को शामिल किया गया। मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के अचानक निरीक्षण से अधिकारियों और कर्मचारियों में भी सक्रियता दिखाई दी।
कचरा उठाने वाली गाड़ियों की जांच
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा BNCC कमिश्नर पोम्माला सुनील कुमार के साथ निरीक्षण स्थल पर पहुंचे। उन्होंने मल्लासंद्रा क्षेत्र में कचरा संग्रहण करने वाली गाड़ियों की व्यवस्था को बारीकी से देखा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कचरा उठाने वाली गाड़ियों के ड्राइवरों और हेल्पर्स की उपस्थिति की जांच की। इसके अलावा वाहनों की RFID स्कैनिंग प्रक्रिया और उनके संचालन की स्थिति का भी जायजा लिया गया।
मंत्री ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कचरा संग्रहण की प्रक्रिया नियमित और समय पर हो, ताकि शहर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
कर्मचारियों की सुविधाओं पर दिया ध्यान
निरीक्षण के अगले चरण में मंत्री जलाहल्ली क्षेत्र के मस्टरिंग पॉइंट पहुंचे। यहां उन्होंने सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति, यूनिफॉर्म, सुरक्षा उपकरण और काम करने की परिस्थितियों की जांच की।
उन्होंने देखा कि कर्मचारियों को काम के दौरान आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और शिकायतों को भी सुना।
मंत्री ने कर्मचारियों की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
RFID व्यवस्था की समीक्षा
कचरा प्रबंधन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए वाहनों की RFID स्कैनिंग प्रणाली लागू की गई है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने इस व्यवस्था की कार्यप्रणाली को भी समझा।
उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि RFID सिस्टम के जरिए कचरा वाहनों की निगरानी किस तरह की जा रही है और इससे व्यवस्था में कितना सुधार आया है।
मंत्री ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाया जा सकता है।
अचानक निरीक्षण का उद्देश्य
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के इस अचानक निरीक्षण का उद्देश्य शहर की सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को जानना था। अक्सर अधिकारियों को पहले से जानकारी होने पर व्यवस्थाएं बेहतर दिखने लगती हैं, इसलिए अचानक निरीक्षण के जरिए जमीनी हकीकत समझने की कोशिश की गई।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कर्मचारियों की समस्याएं सुनने पर जोर
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने सफाई कर्मचारियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनकी रोजमर्रा की समस्याओं, काम के दौरान आने वाली परेशानियों और जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
मंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा सामग्री जैसे ग्लव्स और अन्य उपकरण समय पर उपलब्ध कराए जाएं।
शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने की कोशिश
बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में ठोस कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। बढ़ती आबादी के कारण रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है, जिसके सही निपटारे के लिए बेहतर व्यवस्था जरूरी है।
सरकार और नगर निकाय लगातार सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंत्री का यह निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकारियों को दिए सुधार के निर्देश
निरीक्षण के बाद मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कचरा संग्रहण, कर्मचारियों की उपस्थिति और वाहनों के संचालन में पूरी पारदर्शिता रखी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रशासन, कर्मचारियों और आम जनता सभी की भागीदारी जरूरी है।
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के इस औचक निरीक्षण से साफ है कि सरकार अब शहरी सफाई व्यवस्था की निगरानी को लेकर गंभीर है। आने वाले दिनों में भी ऐसे निरीक्षण जारी रहने की संभावना है, ताकि बेंगलुरु की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।





