कर्नाटक

Middle East crisis : बचत अपील पर आर. अशोक का समर्थन

Kavita2
14 May 2026 11:00 AM IST
Middle East crisis : बचत अपील पर आर. अशोक का समर्थन
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Karnataka कर्नाटक: मिडिल ईस्ट में जारी संकट और उससे उत्पन्न आर्थिक दबावों के बीच देश में बचत और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में कर्नाटक में विपक्ष के नेता R. Ashoka ने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए बचत संबंधी सुझावों का समर्थन किया है।

बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए आर. अशोक ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के अनुसार लोग भी धीरे-धीरे अपने जीवन में बदलाव कर रहे हैं और संसाधनों के उपयोग में कटौती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी इस दिशा में कदम उठा रहे हैं और सार्वजनिक जीवन में इसका पालन करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वे अपने वाहन उपयोग में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी करेंगे और एस्कॉर्ट वाहनों का उपयोग भी हर दूसरे दिन करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शादी और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में अनावश्यक वाहनों के उपयोग को कम करने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि ईंधन की खपत घटाई जा सके।

अशोक ने यह भी कहा कि उनके परिवार ने भी इस पहल का समर्थन किया है और घरेलू स्तर पर भी बचत के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि घर में खाना पकाने के तेल के उपयोग को कम करने पर भी विचार किया गया है, ताकि खर्च और संसाधन दोनों पर नियंत्रण रखा जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्रियों और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रधानमंत्री के संदेश का पालन करते हुए मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग शुरू किया है। उनके अनुसार, यह एक सकारात्मक संकेत है कि देश में लोग सामूहिक रूप से संसाधन बचत की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

इस दौरान आर. अशोक ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा अचानक कोटा कम करने का निर्णय दलित समुदाय के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसलों से सामाजिक संतुलन प्रभावित होता है और कमजोर वर्गों पर असर पड़ता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मिडिल ईस्ट संकट और वैश्विक ऊर्जा अस्थिरता के बीच इस तरह के बयान और पहलें सार्वजनिक जीवन में बचत और संसाधन प्रबंधन को लेकर नई बहस को जन्म दे रही हैं। वहीं, राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप तेज होते दिख रहे हैं।

फिलहाल इस पूरे मामले में सरकार या कांग्रेस की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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