
कर्नाटक : सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2027 की पवित्र हज यात्रा पर जाने वाले सभी चयनित यात्रियों के लिए मेडिकल जांच और फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया है। यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी से बचाव के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हज यात्रा के लिए चुने गए सभी यात्रियों को दो चरणों में मेडिकल जांच से गुजरना होगा। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यात्रियों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। यह कदम यात्रियों की शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने के लिए उठाया गया है।
पहले चरण में होगी प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मेडिकल मूल्यांकन के पहले चरण में यात्रियों की प्रारंभिक जांच की जाएगी। यह जांच राज्य के तालुक और जिला अस्पतालों में की जाएगी। इसमें सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भी शामिल रहेंगे।
एलोपैथिक चिकित्सा अधिकारियों की ओर से यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। जांच के दौरान यात्रियों की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति, पहले से मौजूद बीमारियों और यात्रा के लिए उनकी शारीरिक क्षमता का आकलन किया जाएगा।
बेंगलुरु में बनाए गए विशेष स्क्रीनिंग केंद्र
राजधानी बेंगलुरु में हज यात्रियों की सुविधा के लिए कई प्रमुख अस्पतालों में मेडिकल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। इनमें विक्टोरिया अस्पताल, बोअरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल, के.सी. जनरल अस्पताल, जयनगर जनरल अस्पताल और श्री सी.वी. रमन जनरल अस्पताल शामिल हैं।
इन केंद्रों पर चयनित यात्री अपनी स्वास्थ्य जांच करा सकेंगे। विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर पहुंचकर जांच प्रक्रिया पूरी करें, ताकि यात्रा से पहले सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हो सकें।
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हज यात्रा एक लंबी और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण यात्रा होती है। इस दौरान यात्रियों को अलग-अलग मौसम और परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच जरूरी है।
विशेष रूप से बुजुर्ग यात्रियों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए मेडिकल जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे समय रहते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान की जा सकती है और आवश्यक सलाह दी जा सकती है।
फिटनेस प्रमाण पत्र के बाद ही आगे की प्रक्रिया
मेडिकल जांच में स्वस्थ पाए जाने वाले यात्रियों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र हज यात्रा की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना मेडिकल जांच और फिटनेस प्रमाण पत्र के यात्रियों को आगे की प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी चयनित यात्रियों को समय पर जांच पूरी कराने की सलाह दी गई है।
अस्पतालों को दिए गए निर्देश
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अस्पतालों को मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को यात्रियों की जांच प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने को कहा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए अस्पतालों में अलग व्यवस्था की जा रही है।
हज यात्रा के लिए स्वास्थ्य तैयारियां जरूरी
हर साल बड़ी संख्या में भारतीय यात्री हज यात्रा के लिए सऊदी अरब जाते हैं। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को देखते हुए मेडिकल जांच को महत्वपूर्ण माना जाता है।
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग की यह पहल यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव देने की दिशा में एक कदम है। विभाग का उद्देश्य है कि सभी यात्री पूरी तरह स्वस्थ होकर यात्रा पर जाएं और वहां किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना न करना पड़े।
फिलहाल 2027 हज यात्रा के लिए चयनित यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और अस्पतालों को व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।





