कर्नाटक

Mangaluru : पहली बार होगी कैबिनेट बैठक, कोस्टल कर्नाटक के विकास पर लिए जा सकते हैं बड़े फैसले

Kavita2
14 July 2026 11:05 AM IST
Mangaluru : पहली बार होगी कैबिनेट बैठक, कोस्टल कर्नाटक के विकास पर लिए जा सकते हैं बड़े फैसले
x

मंगलुरु : कर्नाटक सरकार ने राज्य के तटीय क्षेत्र के विकास को गति देने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने फैसला किया है कि 29 जुलाई को पहली बार मंगलुरु में कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कोस्टल कर्नाटक के विकास, पर्यटन, आधारभूत ढांचे और क्षेत्रीय जरूरतों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

राज्य सरकार का मानना है कि तटीय कर्नाटक में विकास की काफी संभावनाएं हैं और इसे आगे बढ़ाने के लिए विशेष योजनाओं की जरूरत है। कैबिनेट बैठक में क्षेत्र के व्यापक विकास को लेकर कई नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने कहा कि सरकार तटीय क्षेत्र के विकास को विशेष प्राथमिकता देना चाहती है। उन्होंने कहा कि कोस्टल कर्नाटक के लिए एक विशेष विकास व्यवस्था बनाने पर भी चर्चा की जाएगी, ताकि क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार योजनाएं तैयार की जा सकें।

यूटी खादर ने कहा कि जिस तरह कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के विकास के लिए विशेष बोर्ड और अलग अनुदान की व्यवस्था की गई है, उसी तरह तटीय जिलों के लिए भी विशेष योजना बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को कोस्टल कर्नाटक के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

कैबिनेट बैठक में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कानून व्यवस्था की स्थिति, एयरपोर्ट विस्तार और तुलु भाषा को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

तटीय कर्नाटक अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समुद्र तटों और सांस्कृतिक विरासत के कारण पर्यटन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को पूरी तरह विकसित करने के लिए बेहतर सुविधाओं और मजबूत आधारभूत ढांचे की जरूरत है।

मंत्री यूटी खादर ने कहा कि तटीय कर्नाटक कई विकास सूचकांकों में अच्छी स्थिति में है, लेकिन पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभी और निवेश की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क, आवश्यक भूमि अधिग्रहण और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने से क्षेत्र में अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बड़े शहरों तक विकास सीमित रखना नहीं है, बल्कि तटीय जिलों के छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

कैबिनेट बैठक में एयरपोर्ट विस्तार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए भी योजनाओं पर विचार किया जा सकता है।

तुलु भाषा को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का मुद्दा भी लंबे समय से चर्चा में रहा है। तटीय कर्नाटक में तुलु भाषा का व्यापक उपयोग होता है और स्थानीय लोग इसे सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। कैबिनेट बैठक में इस विषय पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

राज्य सरकार का यह कदम क्षेत्रीय विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। मंगलुरु में होने वाली पहली कैबिनेट बैठक से तटीय जिलों के लोगों को उम्मीद है कि उनके क्षेत्र से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों पर ठोस निर्णय लिए जाएंगे।

राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि राज्य सरकार का यह फैसला तटीय कर्नाटक के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि बैठक में विकास योजनाओं को मंजूरी मिलती है तो इससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र में निवेश, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

फिलहाल सभी की नजर 29 जुलाई को होने वाली कैबिनेट बैठक पर है। इस बैठक में लिए जाने वाले फैसले तय करेंगे कि तटीय कर्नाटक के विकास की दिशा किस तरह आगे बढ़ेगी।

Next Story