
Karnataka कर्नाटक: मांड्या तालुक में बेलूर और बेविनाहल्ली ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि इन दोनों ग्राम पंचायतों में अवैध रूप से ई-खाता जारी किए गए और सरकारी कीमती जमीन को गैर-कानूनी तरीके से हस्तांतरित किया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कई मामलों में भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर कर निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। सरकारी संपत्तियों के दस्तावेजों में बदलाव कर उन्हें अवैध तरीके से अन्य नामों पर दर्ज करने के मामले भी सामने आए हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
लोकायुक्त जांच में यह भी पाया गया कि मांड्या तालुक पंचायत के कार्यकारी अधिकारी ने इन ग्राम पंचायतों से जुड़ी समस्याओं को समय-समय पर ठीक करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए। अधिकारियों की लापरवाही और निगरानी में कमी को भी अनियमितताओं का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब डिप्टी लोकायुक्त जस्टिस बी. वीरप्पा ने हाल ही में संबंधित क्षेत्रों का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई दस्तावेजों और जमीन रिकॉर्ड में गड़बड़ियां पाई गईं, जिसके बाद उन्होंने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस पूरे प्रकरण में शिकायत दर्ज कराई।
लोकायुक्त टीम ने शुरुआती जांच में पाया कि ई-खाता प्रणाली का दुरुपयोग कर सरकारी जमीनों को गलत तरीके से निजी उपयोग में लाया गया। इससे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ, बल्कि पारदर्शिता और प्रशासनिक नियंत्रण पर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और इसमें शामिल सभी अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच और रिकॉर्ड सत्यापन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को गंभीर मानते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। संभावना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने भी इस खुलासे पर चिंता जताई है और मांग की है कि सरकारी जमीनों की सुरक्षा और रिकॉर्ड प्रणाली को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोका जा सके।
लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि ई-गवर्नेंस प्रणाली का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है, लेकिन यदि इसका दुरुपयोग होता है तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन जाता है। इसलिए पूरे मामले की गहराई से जांच जरूरी है।
फिलहाल जांच टीम सभी संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





