कर्नाटक

बेंगलुरु में देर रात पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, 500 पब-बार की जांच, 1500 पुलिसकर्मी रहे तैनात

Kavita2
10 Oct 2026 2:38 PM IST
बेंगलुरु में देर रात पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, 500 पब-बार की जांच, 1500 पुलिसकर्मी रहे तैनात
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बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पब और बार के संचालन से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने देर रात व्यापक जांच अभियान चलाया। पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष ऑपरेशन में करीब 1,500 पुलिसकर्मी शामिल हुए। शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित लगभग 400 से 500 पब और बार की जांच की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि शराब परोसने वाले प्रतिष्ठान निर्धारित समय पर बंद हो रहे हैं या नहीं, नाबालिगों को शराब तो नहीं परोसी जा रही और लाइसेंस से संबंधित सभी शर्तों का पालन किया जा रहा है या नहीं। यह अभियान शनिवार सुबह दो बजे तक चला।

इस विशेष कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस थानों की टीमें और सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) के कर्मचारी भी शामिल रहे। शहर के प्रमुख व्यावसायिक और मनोरंजन क्षेत्रों में पुलिस की टीमों ने पब और बार का निरीक्षण किया। ब्रिगेड रोड, कोरामंगला और आनंद राव सर्कल के आसपास के इलाकों में भी जांच की गई।

1500 पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा

बेंगलुरु पुलिस के इस विशेष अभियान में करीब 1,500 पुलिसकर्मियों की भागीदारी रही। अभियान का नेतृत्व शहर के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने किया।

ऑपरेशन में कुल 19 आईपीएस अधिकारी शामिल हुए, जिनमें दो संयुक्त पुलिस आयुक्त भी मौजूद थे। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों की पुलिस टीमें और सेंट्रल क्राइम ब्रांच के कर्मचारी भी अभियान का हिस्सा बने।

इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों में जांच की गई।

पुलिस की प्राथमिकता पब और बार के संचालन से संबंधित नियमों की जांच करना था। इसके तहत प्रतिष्ठानों के बंद होने का समय, शराब परोसने से जुड़े प्रतिबंध और लाइसेंस की शर्तों पर विशेष ध्यान दिया गया।

400 से 500 पब और बार की जांच

जानकारी के अनुसार, अभियान के दौरान शहर के लगभग 400 से 500 पब और बार की जांच की गई।

पुलिस टीमों ने यह देखने का प्रयास किया कि संबंधित प्रतिष्ठान निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित हो रहे हैं या नहीं।

पब और बार के संचालन के लिए लाइसेंस की शर्तों का पालन करना आवश्यक होता है। इन शर्तों में संचालन के निर्धारित समय और शराब परोसने से संबंधित नियम महत्वपूर्ण होते हैं।

अभियान के दौरान पुलिस ने इन्हीं विषयों पर ध्यान केंद्रित किया।

हालांकि, जांच में कितने प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, इसकी आधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं है।

किसी प्रतिष्ठान को नोटिस दिए जाने, जुर्माना लगाने या लाइसेंस संबंधी कार्रवाई किए जाने की भी पुष्टि नहीं हुई है।

देर रात दो बजे तक चला ऑपरेशन

यह विशेष जांच अभियान देर रात तक जारी रहा और शनिवार सुबह दो बजे समाप्त हुआ।

अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में पब और बार का निरीक्षण किया।

रात के समय जांच करने का उद्देश्य यह देखना था कि प्रतिष्ठान बंद होने के निर्धारित समय से संबंधित नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

पब और बार के संचालन में निर्धारित समयसीमा का पालन करना लाइसेंस संबंधी नियमों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हालांकि, अभियान किस समय शुरू हुआ था और प्रत्येक क्षेत्र में कितने प्रतिष्ठानों की जांच की गई, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

ब्रिगेड रोड पर कई प्रतिष्ठानों में जांच

बेंगलुरु के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र ब्रिगेड रोड पर भी पुलिस ने विशेष जांच की।

इस दौरान ब्रिगेड गार्डन और पेज 3 सहित कई स्थानों पर पुलिस की टीमें पहुंचीं।

इन प्रतिष्ठानों में संचालन से जुड़े नियमों की जांच की गई।

ब्रिगेड रोड शहर के व्यस्त इलाकों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं।

पुलिस ने इस क्षेत्र को भी अपने व्यापक अभियान में शामिल किया।

हालांकि, ब्रिगेड गार्डन और पेज 3 में किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है। इसलिए केवल जांच होने के आधार पर इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ किसी प्रकार की अनियमितता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

कोरामंगला और आनंद राव सर्कल में भी कार्रवाई

ब्रिगेड रोड के अलावा पुलिस ने कोरामंगला और आनंद राव सर्कल के आसपास के क्षेत्रों में भी जांच अभियान चलाया।

इन इलाकों में स्थित पब और बार को भी पुलिस के विशेष निरीक्षण के दायरे में रखा गया।

शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ जांच होने से पुलिस को व्यापक स्तर पर प्रतिष्ठानों के संचालन की स्थिति देखने का अवसर मिला।

स्थानीय पुलिस टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान में भाग लिया।

हालांकि, कोरामंगला और आनंद राव सर्कल में कितने प्रतिष्ठानों की जांच हुई, इसकी अलग-अलग संख्या उपलब्ध नहीं है।

नाबालिगों को शराब परोसने पर विशेष नजर

इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य यह जांचना था कि किसी पब या बार में कानूनी आयु से कम उम्र के व्यक्तियों को शराब तो नहीं परोसी जा रही है।

शराब की बिक्री और सेवन से संबंधित आयु प्रतिबंधों का पालन करना संबंधित प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी होती है।

पुलिस ने जांच के दौरान इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया।

इसके साथ ही लाइसेंस की शर्तों के पालन की भी पड़ताल की गई।

हालांकि, किसी प्रतिष्ठान में नाबालिगों को शराब परोसने का मामला सामने आया या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में इस अभियान को नियमों की जांच के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

सेंट्रल क्राइम ब्रांच भी रही शामिल

बेंगलुरु पुलिस के इस अभियान में सेंट्रल क्राइम ब्रांच के कर्मचारियों की भागीदारी भी रही।

स्थानीय पुलिस टीमों के साथ सीसीबी के कर्मचारी अलग-अलग क्षेत्रों में चल रही जांच का हिस्सा बने।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस अभियान में पुलिस के विभिन्न स्तरों के कर्मचारियों ने भाग लिया।

दो संयुक्त पुलिस आयुक्तों सहित 19 आईपीएस अधिकारियों की भागीदारी इस ऑपरेशन की व्यापकता को दर्शाती है।

हालांकि, सीसीबी ने किन विशेष स्थानों पर जांच की और उसके कर्मचारियों को कौन-कौन सी जिम्मेदारियां दी गई थीं, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

नियमों के पालन पर पुलिस का जोर

पब और बार के संचालन में निर्धारित समयसीमा, लाइसेंस की शर्तों और शराब परोसने से जुड़े प्रतिबंधों का पालन महत्वपूर्ण है।

इन नियमों का उद्देश्य संबंधित व्यावसायिक गतिविधियों को कानूनी दायरे में संचालित करना है।

बेंगलुरु पुलिस ने अपने विशेष अभियान में इन्हीं पहलुओं की जांच की।

हालांकि, जांच पूरी होने के बाद पुलिस की ओर से जारी विस्तृत रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

इसलिए कितने प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं मिलीं या किनके खिलाफ कार्रवाई की गई, इस संबंध में कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।

फिलहाल, बेंगलुरु में करीब 1,500 पुलिसकर्मियों की भागीदारी से 400 से 500 पब और बार की जांच का अभियान पूरा हुआ है। पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह के नेतृत्व में शनिवार सुबह दो बजे तक चले इस ऑपरेशन में 19 आईपीएस अधिकारी, स्थानीय पुलिस टीमें और सीसीबी कर्मचारी शामिल रहे। अब जांच के निष्कर्षों और संभावित कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

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