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कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, सड़क विकास के लिए 20 हजार करोड़ मंजूर

Kavita2
6 Nov 2026 10:45 AM IST
कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, सड़क विकास के लिए 20 हजार करोड़ मंजूर
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बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने राज्य में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने और बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में करीब 20,000 करोड़ रुपये की सड़क एवं बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इस राशि का इस्तेमाल राज्य राजमार्गों, प्रमुख जिला सड़कों, पुलों और जिला तथा तालुक मुख्यालयों को जोड़ने वाली सड़कों के विकास के लिए किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाना और परिवहन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री ईश्वर बी. खंड्रे ने सरकार के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरे कर्नाटक में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क निर्माण और परिवहन सुविधाओं में सुधार से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही जिला और तालुक मुख्यालयों के बीच आवागमन आसान बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मंत्री खंड्रे के अनुसार, राज्य राजमार्ग विकास परियोजना के पांचवें चरण के दूसरे पैकेज के अंतर्गत कुल 1,897 किलोमीटर सड़कों का विकास किया जाएगा। इसके लिए लगभग 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं के माध्यम से मौजूदा सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने और यातायात की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने की योजना है।

सरकार ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, पुल और सरकारी भवनों से संबंधित निर्माण कार्यों के लिए भी बड़ी राशि स्वीकृत की है। मंत्रिमंडल ने परिशिष्ट-ई के अंतर्गत इन कार्यों के लिए 6,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त सड़क सुधार कार्यों के लिए 3,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस तरह सरकार ने अलग-अलग श्रेणियों की परियोजनाओं को शामिल करते हुए व्यापक विकास पैकेज तैयार किया है।

मंत्रिमंडल का एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला जिला और तालुक मुख्यालयों के बीच सड़क संपर्क बेहतर बनाने से संबंधित है। इसके तहत लगभग 3,986 किलोमीटर लंबी सड़कों के विकास के लिए 6,000 करोड़ रुपये की नई परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना में एक जिला मुख्यालय को दूसरे जिला मुख्यालय से जोड़ने, जिला मुख्यालयों को तालुक मुख्यालयों से जोड़ने और विभिन्न तालुक मुख्यालयों के बीच सड़क संपर्क मजबूत करने पर जोर रहेगा।

सरकार का मानना है कि इन सड़कों के विकसित होने से आम नागरिकों के साथ किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सकता है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालयों तक पहुंचना आसान होगा। इसके अलावा कृषि उपज को बाजारों तक पहुंचाने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है।

वर्तमान में कई ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में खराब सड़कों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में सड़कें क्षतिग्रस्त होने से परिवहन व्यवस्था प्रभावित होती है। प्रस्तावित परियोजनाओं के पूरा होने पर ऐसी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

सड़क संपर्क बेहतर होने से सरकारी सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच भी आसान हो सकती है। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अस्पताल, शिक्षण संस्थान, सरकारी कार्यालय और बाजार पहुंचने में सुविधा मिलेगी। हालांकि, इन संभावित लाभों का वास्तविक प्रभाव परियोजनाओं के समय पर पूरा होने और निर्माण की गुणवत्ता पर निर्भर करेगा।

मंत्री ईश्वर खंड्रे ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भी महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक की वित्तीय स्थिति मजबूत है और सरकार विकास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में सक्षम है। उनके अनुसार, वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी सहित विभिन्न स्रोतों से होने वाली राजस्व प्राप्ति सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप है।

खंड्रे ने कहा कि विभिन्न विभागों के अधिकारी राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं। इससे सरकार को अपनी घोषणाओं और विकास संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है।

सरकार ने सड़क परियोजनाओं के वित्तपोषण से जुड़े सवालों पर भी जानकारी दी है। मंत्री के अनुसार, 6,000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं से संबंधित वित्तीय व्यवस्था के एक हिस्से में एशियाई विकास बैंक की सहायता शामिल होगी। हालांकि, विभिन्न परियोजनाओं के लिए धनराशि जारी करने और निर्माण कार्य शुरू करने की विस्तृत प्रक्रिया संबंधित विभागों के माध्यम से पूरी की जाएगी।

राज्य सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि घोषित विकास कार्यों को आगामी दो वित्तीय वर्षों के दौरान लागू करने पर जोर दिया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि सरकार सड़क निर्माण को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। बड़े पैमाने पर प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति, तकनीकी प्रक्रिया और कार्यान्वयन की निगरानी महत्वपूर्ण होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क अवसंरचना किसी भी राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मजबूत सड़क नेटवर्क से माल परिवहन की लागत कम करने, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने और नए निवेश को आकर्षित करने में मदद मिल सकती है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में इसका प्रभाव अधिक हो सकता है, जहां सड़क संपर्क कमजोर होने के कारण औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां सीमित हैं।

कर्नाटक सरकार के इस फैसले से निर्माण क्षेत्र में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। सड़क और पुल निर्माण से संबंधित परियोजनाओं में तकनीकी कर्मचारियों, श्रमिकों, निर्माण सामग्री और परिवहन सेवाओं की जरूरत होगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।

इसी मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य विधानमंडल के आगामी सत्र की तारीखों को लेकर भी फैसला लिया गया। सरकार ने विधानमंडल सत्र 2 दिसंबर से 11 दिसंबर तक आयोजित करने का निर्णय किया है। परंपरा के अनुसार, सत्र बेलगावी में आयोजित होने की संभावना है। इससे पहले सत्र 30 नवंबर से शुरू करने की योजना थी, लेकिन मंत्रिमंडल ने तारीख में बदलाव किया है।

फिलहाल सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्वीकृत सड़क परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना होगी। इसके लिए बजट की उपलब्धता, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करना आवश्यक रहेगा।

कर्नाटक मंत्रिमंडल का करीब 20 हजार करोड़ रुपये का यह फैसला राज्य के सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि योजनाएं तय समय पर लागू होती हैं, तो जिला मुख्यालयों, तालुक केंद्रों और ग्रामीण इलाकों के बीच संपर्क व्यवस्था मजबूत होने के साथ आर्थिक विकास को भी नई गति मिल सकती है।

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