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Bengaluru बेंगलुरु: आईटी राजधानी में एक बड़ा डेटा चोरी का मामला सामने आया है, जिसने सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में डेटा सुरक्षा, इनसाइडर थ्रेट्स और बौद्धिक संपदा (आईपी) की रक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एमेडियस सॉफ्टवेयर लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने आरोप लगाया है कि कंपनी के पूर्व कर्मचारी आशुतोष निगम ने गोपनीय सोर्स कोड और अन्य संवेदनशील डेटा चुरा लिया। इस चोरी से कंपनी को अनुमानित 8 मिलियन यूरो (लगभग 87 करोड़ रुपए) का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
बेंगलुरु सिटी पुलिस के व्हाइटफील्ड सीईएन क्राइम पुलिस स्टेशन में क्राइम नंबर 0050/2026 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर के अनुसार, आशुतोष निगम कंपनी में सीनियर मैनेजर - रिसर्च साइंटिस्ट के पद पर फरवरी 2020 से कार्यरत थे। घटना 11 अक्टूबर 2025 को हुई, जब आरोपी ने अपने व्यक्तिगत ईमेल अकाउंट का इस्तेमाल कर बिना अनुमति के कंपनी के गोपनीय डेटा को ट्रांसफर किया। यह डेटा कंपनी के कोर सॉफ्टवेयर और ट्रैवल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस से जुड़ा था, जो एमेडियस की ग्लोबल सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
कंपनी को संदेह होने पर आंतरिक जांच शुरू हुई। पूछताछ के दौरान आशुतोष निगम ने एक वीडियो रिकॉर्डिंग में डेटा चोरी की बात कबूल ली। कंपनी ने 3 दिसंबर 2025 को उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। कंपनी का दावा है कि चुराए गए सोर्स कोड और संबंधित डेटा की बाजार मूल्य 8 मिलियन यूरो है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि बौद्धिक संपदा अधिकारों पर सीधा खतरा पैदा हो गया है, जो कंपनी के क्लाइंट्स, प्रतिस्पर्धा और इनोवेशन को प्रभावित कर सकता है।
पुलिस ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 65 (कंप्यूटर सिस्टम में बदलाव), 66 (कंप्यूटर संसाधनों का दुरुपयोग), 66(सी) (पहचान की चोरी) और 66(डी) (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच शुरू हो चुकी है और पुलिस ने कोर्ट में प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है। जांच में डेटा ट्रांसफर के तरीके, संभावित प्राप्तकर्ता और डेटा के आगे इस्तेमाल की पड़ताल की जा रही है।
यह मामला आईटी सेक्टर में बढ़ते इनसाइडर थ्रेट्स का एक बड़ा उदाहरण है, जहां पूर्व कर्मचारी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों या व्यक्तिगत लाभ के लिए डेटा चुराते हैं। बेंगलुरु में पिछले वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, लेकिन इसकी राशि और एमेडियस जैसी ग्लोबल कंपनी की प्रतिष्ठा को देखते हुए यह काफी सनसनीखेज है। एमेडियस ट्रैवल इंडस्ट्री के लिए प्रमुख टेक्नोलॉजी प्रदाता है, और सोर्स कोड चोरी से उनके प्रोडक्ट्स की सुरक्षा पर सवाल उठ सकते हैं।
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