
बेंगलुरु: कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन (KPSC) के जरिए वेटरनरी अधिकारियों की कथित गैर-कानूनी भर्ती मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। CID ने इस मामले में बीदर जिले के भालकी निवासी बसवराज कन्नाले को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि कन्नाले की गिरफ्तारी से कुछ भाजपा नेताओं की चिंता बढ़ी है, क्योंकि उनके कई बड़े नेताओं से कथित सामाजिक संबंध होने की बात सामने आई है। हालांकि, कुछ नेताओं ने पहले ही स्पष्ट किया है कि उनके और कन्नाले के बीच किसी तरह का व्यावसायिक लेन-देन नहीं था।
KPSC भर्ती मामले में बढ़ी जांच
जानकारी के अनुसार, CID ने नई दिल्ली में रविवार को बसवराज कन्नाले को हिरासत में लिया। उन पर KPSC के माध्यम से वेटरनरी अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोप हैं।
यह गिरफ्तारी KPSC के पूर्व परीक्षा नियंत्रक और IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार की गिरफ्तारी के कुछ समय बाद हुई है। गंगवार को भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
जांच एजेंसी अब इस पूरे मामले में जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
नेताओं से संबंधों को लेकर चर्चा तेज
कन्नाले की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि वह भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में रहे हैं।
हालांकि, संबंधित नेताओं की ओर से कहा गया है कि उनके और कन्नाले के बीच संबंध केवल सामाजिक स्तर तक सीमित थे। उन्होंने किसी भी तरह के व्यावसायिक संबंध या लेन-देन से इनकार किया है।
नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने दिया जाना चाहिए और सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
लेन-देन की जांच की संभावना
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि कन्नाले और अन्य लोगों के बीच किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं।
सूत्रों के मुताबिक, जांच का दायरा आगे बढ़ सकता है और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा सकती है।
CID इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही और भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश किस स्तर पर हुई।
भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
KPSC राज्य में विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित करता है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप सामने आने से आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
वेटरनरी अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की ओर से भी सवाल उठाए गए हैं।
सरकार और जांच एजेंसियां अब यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
CID कर रही मामले की गहन जांच
CID अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें परीक्षा प्रक्रिया, चयन सूची, अधिकारियों की भूमिका और संभावित नेटवर्क की पड़ताल शामिल है।
जांच एजेंसी जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।
राजनीतिक असर की संभावना
कर्नाटक में KPSC भर्ती मामला अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष सरकार से पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
वहीं, सत्तापक्ष का कहना है कि जांच एजेंसी स्वतंत्र रूप से काम कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आगे और खुलासे की उम्मीद
बसवराज कन्नाले की गिरफ्तारी के बाद अब जांच में नए तथ्यों के सामने आने की संभावना है। CID यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित भर्ती घोटाले में उनकी भूमिका कितनी बड़ी थी और किन लोगों से उनका संपर्क था।
फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। KPSC भर्ती मामले ने एक बार फिर सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।





