
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मंगलवार को अंडरपास निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हो गया। कांतीरवा स्टूडियो के पास डॉ. राजकुमार पुण्यभूमि रोड पर निर्माणाधीन अंडरपास में अचानक मिट्टी की दीवार ढह गई। हादसे में मिट्टी के नीचे दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया गया।
पुलिस के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब मजदूर करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में अंडरपास के निर्माण से संबंधित काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक भारी मात्रा में मिट्टी नीचे आ गिरी। मिट्टी की चपेट में आने से दूसरे राज्य से आए दो मजदूर उसके नीचे दब गए। मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों और कर्मचारियों में भी भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
अचानक ढह गई मिट्टी की दीवार
बताया गया है कि निर्माण स्थल पर अंडरपास के लिए गहरी खुदाई की गई थी। मजदूर इसी गड्ढे के भीतर काम कर रहे थे। अचानक मिट्टी की दीवार का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। इससे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
मिट्टी का भारी मलबा गिरने के बाद दो मजदूर उसमें फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाकर दबे हुए मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की गई।
हालांकि, बचाव अभियान के दौरान दोनों मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई। हादसे में घायल तीन अन्य मजदूरों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
BDA करा रहा था अंडरपास का निर्माण
यह अंडरपास बेंगलुरु डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) की ओर से बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान यह हादसा होने के बाद परियोजना स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
अंडरपास और भूमिगत निर्माण कार्यों में गहरी खुदाई के कारण मिट्टी खिसकने और दीवार ढहने का खतरा बना रहता है। ऐसे स्थानों पर मिट्टी को रोकने के लिए पर्याप्त सपोर्ट सिस्टम और सुरक्षा उपाय जरूरी होते हैं। मंगलवार की घटना के बाद अब यह जांच का विषय बन गया है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का किस स्तर तक पालन किया जा रहा था।
दूसरे राज्य के मजदूर थे मृतक
पुलिस ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूर दूसरे राज्य से यहां काम करने आए थे। निर्माण परियोजनाओं में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर काम करते हैं और कई बार वे जोखिम भरे निर्माण कार्यों में भी शामिल रहते हैं।
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों को सूचना देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस उनकी पहचान और अन्य विवरण जुटा रही है। वहीं, घायल मजदूरों का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।
तीन मजदूर घायल
मिट्टी गिरने की घटना में तीन अन्य मजदूर भी घायल हुए हैं। हादसे के तुरंत बाद उन्हें घटनास्थल से बाहर निकाला गया और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
घायलों की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस और प्रशासन की टीमें घटना के बाद मौके पर मौजूद रहीं और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की।
निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
बेंगलुरु में लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए कई स्थानों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का निर्माण चल रहा है। इन परियोजनाओं से यातायात व्यवस्था बेहतर करने की उम्मीद की जाती है, लेकिन निर्माण के दौरान मजदूरों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
मंगलवार की घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर 20 फीट गहरी खुदाई में काम कर रहे मजदूरों के लिए मिट्टी धंसने से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं, इसकी जांच महत्वपूर्ण होगी।
निर्माण स्थल पर गहरी खुदाई के दौरान मिट्टी के दबाव और बारिश या नमी जैसे कारणों से जमीन खिसकने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में इंजीनियरिंग सुरक्षा मानकों के अनुरूप खुदाई की दीवारों को मजबूत करना और मजदूरों को सुरक्षित तरीके से काम करने की व्यवस्था करना जरूरी होता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच में निर्माण स्थल की स्थिति, वहां मौजूद सुरक्षा उपकरण, मिट्टी को रोकने की व्यवस्था और मजदूरों के लिए अपनाए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी पड़ताल की जा सकती है।
हादसे की जिम्मेदारी तय करने के लिए अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों से भी जानकारी ली जा सकती है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में दो मजदूरों की मौत के बाद उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्य से बेंगलुरु आए इन मजदूरों की मौत ने निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता राहत एवं बचाव कार्य पूरा करने, घायलों को उपचार उपलब्ध कराने और हादसे के कारणों का पता लगाने की है। मंगलवार की यह घटना बेंगलुरु में चल रही बड़ी निर्माण परियोजनाओं में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर समीक्षा की जरूरत को सामने लाती है।





