
कर्नाटक : कारवार में रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया। अंजादीव द्वीप के पास समुद्र में मछली पकड़ने वाली एक नाव अचानक पलट गई, लेकिन समय रहते उसमें सवार सभी 24 मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई।
जानकारी के अनुसार, ‘श्री माता’ नाम की मछली पकड़ने वाली नाव समुद्र में मछली पकड़ने के काम में लगी हुई थी। इसी दौरान नाव में पानी भरने लगा और वह समुद्र में पलट गई। नाव पर सवार मछुआरे अचानक आई इस स्थिति से घबरा गए, लेकिन आसपास मौजूद दूसरी मछली पकड़ने वाली नावों के कर्मचारियों ने तुरंत मदद पहुंचाई और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
अंजादीव द्वीप के पास पलटी नाव
मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह घटना कारवार के अंजादीव द्वीप से कुछ नॉटिकल मील की दूरी पर हुई। समुद्र में तेज लहरों के बीच नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई।
नाव पर मौजूद मछुआरों ने बताया कि उन्हें आशंका है कि नाव के निचले हिस्से में छेद होने के कारण उसमें पानी भर गया था। पानी भरने के बाद नाव को संभालना मुश्किल हो गया और वह कुछ ही समय में समुद्र में डूब गई।
एक मछुआरे ने बताया कि यह नाव अंकोला के नीलकंठ कार्वी की थी। उन्होंने कहा कि नाव में मौजूद सभी सामान भी समुद्र में डूब गया।
दूसरी नावों के क्रू ने बचाई जान
घटना के समय आसपास कई अन्य मछली पकड़ने वाली नावें मौजूद थीं। जैसे ही उन्हें हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया।
आसपास मौजूद नावों के क्रू ने समुद्र में फंसे मछुआरों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। समय पर मिली मदद के कारण सभी 24 मछुआरों की जान बच गई।
मछुआरों ने बताया कि अगर आसपास दूसरी नावें मौजूद नहीं होतीं तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
नाव को बचाने की कोशिश रही नाकाम
मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डूबती हुई नाव को बचाने के लिए काफी प्रयास किए गए, लेकिन समुद्र की तेज लहरों के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
अधिकारियों ने कहा कि समुद्र में लहरों का दबाव इतना ज्यादा था कि नाव पूरी तरह डूब गई। खराब मौसम और तेज समुद्री हलचल के कारण राहत कार्य में भी मुश्किलें आईं।
मछुआरों को सुरक्षित पहुंचाया गया
रेस्क्यू के बाद सभी मछुआरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी मछुआरे सुरक्षित हैं और किसी के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी नहीं है।
घटना के बाद मत्स्य पालन विभाग ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। विभाग नाव के डूबने के कारणों की भी जांच करेगा।
समुद्र में सुरक्षा को लेकर चिंता
समुद्र में मछली पकड़ने जाने वाले मछुआरों के लिए सुरक्षा हमेशा एक बड़ी चुनौती रहती है। अचानक मौसम खराब होने, तेज लहरों और नाव में तकनीकी खराबी के कारण कई बार हादसे हो जाते हैं।
मछुआरा संगठनों का कहना है कि समुद्र में जाने वाली नावों की नियमित जांच और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की
अधिकारियों ने मछुआरों से समुद्र में जाने से पहले मौसम की जानकारी लेने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
इस घटना में सभी 24 मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया, जिसे एक बड़ी राहत माना जा रहा है। हालांकि, नाव के पूरी तरह डूब जाने से मछुआरों को आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है।
फिलहाल मत्स्य पालन विभाग घटना की पूरी जानकारी जुटा रहा है और नाव के डूबने के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।





