
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए बड़ा डिजिटल बदलाव किया गया है। अब ओला, उबर, नम्मा यात्री और रैपिडो जैसे ऐप का इस्तेमाल करने वाले यात्री अपनी लोकेशन से BMTC (बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) बसों की रियल-टाइम मूवमेंट यानी लाइव लोकेशन देख सकेंगे।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को आखिरी छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इससे लोगों को यह जानकारी मिल सकेगी कि कैब या ऑटो से उतरने के बाद उनकी मंजिल तक पहुंचने के लिए कौन सी BMTC बस उपलब्ध है और वह कितनी देर में पहुंचेगी।
प्राइवेट ऐप्स से जोड़ा जाएगा BMTC डेटा
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने BMTC के लाइव बस ट्रैकिंग सिस्टम को प्राइवेट ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।
विधान सौधा में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट और BMTC के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य के परिवहन मंत्री भैरती सुरेश ने की। बैठक में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत करने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि BMTC का रियल-टाइम डेटा निजी कैब और ऑटो ऐप कंपनियों के साथ साझा करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
यात्रियों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को अलग-अलग ऐप के जरिए बसों की जानकारी मिल सकेगी। इससे उन्हें यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
उदाहरण के तौर पर कोई यात्री कैब से किसी इलाके तक पहुंचता है तो वह उसी ऐप के माध्यम से यह देख सकेगा कि वहां से उसकी मंजिल तक जाने के लिए कौन सी BMTC बस उपलब्ध है।
इससे लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
लाइव बस ट्रैकिंग सिस्टम का विस्तार
बैठक में परिवहन मंत्री ने BMTC के लाइव बस ट्रैफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम को और व्यापक बनाने के निर्देश दिए। वर्तमान में BMTC यात्रियों को बसों की स्थिति और रूट से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है।
अब इस सुविधा को निजी परिवहन ऐप्स तक पहुंचाने की योजना है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
मेट्रो स्टेशनों पर 200 इलेक्ट्रिक बसें तैनात होंगी
परिवहन मंत्री भैरती सुरेश ने BMTC को शहर के सभी मेट्रो स्टेशनों पर 200 छोटी एयर-कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसें तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं।
इन बसों का उद्देश्य मेट्रो यात्रियों को स्टेशन से उनके अंतिम गंतव्य तक पहुंचाने में मदद करना है। इसे लास्ट माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
मेट्रो और बस सेवा के बीच बेहतर तालमेल
बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में मेट्रो सेवा का विस्तार तेजी से हो रहा है, लेकिन कई इलाकों में यात्रियों को मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने या स्टेशन से आगे जाने में परेशानी होती है।
छोटी इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती से मेट्रो और बस सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकेगा। इससे यात्रियों को एक ही यात्रा में कई विकल्प मिलेंगे।
पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद पहल
इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाना है।
एयर-कंडीशंड छोटी इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों को आरामदायक सफर उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देंगी।
KSRTC और BMTC अधिकारियों के साथ हुई बैठक
बैठक में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, KSRTC और BMTC के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने राज्य में परिवहन सेवाओं को आधुनिक बनाने और यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तकनीक का इस्तेमाल कर परिवहन व्यवस्था को अधिक आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जाए।
बेंगलुरु के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव
बेंगलुरु में लगातार बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव के बीच सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता बन गया है।
BMTC बसों की लाइव ट्रैकिंग को निजी ऐप्स से जोड़ना और मेट्रो स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
नई डिजिटल व्यवस्था से यात्रियों को यात्रा की जानकारी पहले से मिल सकेगी, जिससे समय की बचत होगी और परिवहन व्यवस्था ज्यादा प्रभावी बनेगी।
परिवहन विभाग की इस पहल से उम्मीद है कि बेंगलुरु के यात्री अब कैब, ऑटो, मेट्रो और बस सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।





