
बेंगलुरु: विधान परिषद के सभापति बसवराज होराट्टी ने मंगलवार को सदन को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया। उन्होंने लंच ब्रेक के बाद मंत्रियों और सत्ताधारी दल के सदस्यों की गैर-मौजूदगी पर नाराज़गी ज़ाहिर की।
यह घटना विधानसभा अध्यक्ष यू.टी. खादर द्वारा सदन को स्थगित करने और विरोध में बाहर चले जाने के एक दिन बाद हुई। खादर ने विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों पर सरकारी विभागों से लिखित जवाब न मिलने के कारण यह कदम उठाया था।
अध्यक्ष के इस "अभूतपूर्व" कदम से कांग्रेस सरकार को भारी शर्मिंदगी उठानी पड़ी। इसके चलते मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को मंत्रियों और नौकरशाहों के लिए निर्देश जारी करने पड़े, जिसमें दोषी अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश भी शामिल था।
जब लंच के बाद परिषद की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो विपक्ष के नेता चालवादी नारायणस्वामी ने खाली पड़ी सत्ता पक्ष की बेंचों की ओर इशारा किया और कहा कि ऐसा लगता है कि सत्ताधारी दल के सदस्यों ने कार्यवाही का "बहिष्कार" कर दिया है।





