
Karnataka कर्नाटक: ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के तहत चल रहे जनगणना कार्य की प्रगति धीमी और असंतोषजनक बताई जा रही है। इस पर सिटी कॉर्पोरेशन कमिश्नर ने गंभीर चिंता जताते हुए कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, जनगणना कार्य में लगे कुल 23,500 गिनती करने वालों और 2,900 सुपरवाइज़रों में से करीब 6,000 कर्मचारी बिना अनुमति के अनुपस्थित पाए गए हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारियों की गैरहाज़िरी के कारण फील्ड स्तर पर काम प्रभावित हो रहा है और डेटा संग्रह की गति धीमी पड़ गई है।
कमिश्नर ने बताया कि अनुपस्थित कर्मचारियों से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्हें नोटिस, SMS और फोन कॉल के माध्यम से उनकी गैरहाज़िरी का कारण पूछा जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह एक महत्वपूर्ण सरकारी कार्य है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो कर्मचारी तुरंत ड्यूटी पर वापस नहीं लौटेंगे, उनके खिलाफ “नो वर्क, नो पे” नियम लागू किया जाएगा। इसके साथ ही सर्विस डेविएशन ऑर्डर के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अत्यधिक लापरवाही या लगातार अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है। यह कदम जनगणना कार्य को समय पर और सुचारू रूप से पूरा करने के लिए उठाया जा रहा है।
जारी बयान में सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को तत्काल ड्यूटी पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि जो कर्मचारी 24 अप्रैल तक अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते हैं, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में बाधा डालना गंभीर मामला है, और इसे किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जाएगा। प्रशासन ने सभी संबंधित कर्मचारियों से सहयोग की अपील की है ताकि कार्य निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके।





