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जय शाह के नेतृत्व में पूरा हुआ सीओई का सपना लक्ष्मण सैकिया ने बताया बड़ी उपलब्धि

nidhi
10 Aug 2026 9:27 AM IST
जय शाह के नेतृत्व में पूरा हुआ सीओई का सपना लक्ष्मण सैकिया ने बताया बड़ी उपलब्धि
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सीओई की सफलता पर जय शाह की तारीफ लक्ष्मण और सैकिया ने जमकर सराहा नेतृत्व
स्पोर्ट्स : भारतीय क्रिकेट के लिए एक लंबे समय से देखा जा रहा सपना आखिरकार पूरा हो गया। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के विकास और उसे विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की दिशा में किए गए प्रयासों को लेकर भारतीय क्रिकेट से जुड़े दिग्गजों ने इसकी जमकर तारीफ की है। वीवीएस लक्ष्मण और देवजीत सैकिया ने इसके लिए पूर्व बीसीसीआई सचिव जय शाह के योगदान को खास तौर पर याद किया।
क्या है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बेंगलुरु में स्थित एक अत्याधुनिक क्रिकेट सुविधा केंद्र है। इसका उद्देश्य भारतीय क्रिकेटरों को अभ्यास, फिटनेस, रिहैबिलिटेशन और खेल विज्ञान से जुड़ी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यह केंद्र केवल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेटरों और युवा प्रतिभाओं के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
जय शाह के नेतृत्व में मिली रफ्तार
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को विकसित करने की योजना लंबे समय से भारतीय क्रिकेट की प्राथमिकताओं में रही है। जय शाह के बीसीसीआई नेतृत्व के दौरान इस परियोजना को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। क्रिकेट प्रशासन से जुड़े लोगों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से भारतीय क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिली है।
वीवीएस लक्ष्मण ने की तारीफ
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े वीवीएस लक्ष्मण ने इस सुविधा की जमकर सराहना की। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों को एक ही जगह पर प्रशिक्षण, फिटनेस, रिहैबिलिटेशन और अन्य आधुनिक सुविधाएं मिलना भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा फायदा है। लक्ष्मण की भूमिका भी इस परियोजना से महत्वपूर्ण रूप से जुड़ी रही है। उन्होंने भारतीय क्रिकेटरों के प्रशिक्षण और विकास के लिए आधुनिक सिस्टम तैयार करने पर जोर दिया है।
देवजीत सैकिया ने भी सराहा योगदान
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने परियोजना को आगे बढ़ाने में जय शाह के योगदान की सराहना की। सैकिया के अनुसार, इस तरह की आधुनिक सुविधाएं खिलाड़ियों को चोट से वापसी, फिटनेस और कौशल विकास में मदद कर सकती हैं।
खिलाड़ियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों के लिए कई अत्याधुनिक सुविधाओं का प्रावधान है। यहां प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल विज्ञान और रिहैबिलिटेशन पर भी ध्यान दिया जाता है। चोटिल खिलाड़ियों के लिए रिकवरी और रिहैब प्रक्रिया को बेहतर बनाने में ऐसी सुविधाएं बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। इससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक फिट रखने में मदद मिल सकती है।
भारतीय क्रिकेट के लिए क्यों अहम?
आज के दौर में क्रिकेट सिर्फ तकनीक और प्रतिभा तक सीमित नहीं है। खिलाड़ियों की फिटनेस, पोषण, मानसिक तैयारी, डेटा एनालिसिस और चोट से बचाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन सभी पहलुओं को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारतीय क्रिकेट के पास प्रतिभाओं को तैयार करने और मौजूदा खिलाड़ियों की क्षमता बढ़ाने के लिए बेहतर संसाधन होंगे।
घरेलू खिलाड़ियों को भी फायदा
इस तरह की सुविधा का फायदा केवल टीम इंडिया के सितारों तक सीमित नहीं रहेगा। घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी आधुनिक ट्रेनिंग और रिहैबिलिटेशन सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। युवा क्रिकेटरों के लिए यह केंद्र भविष्य में एक महत्वपूर्ण मंच बन सकता है, जहां वे विशेषज्ञों की निगरानी में अपनी तकनीक और फिटनेस पर काम कर सकेंगे।
चोट से वापसी में भी मदद
आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों के चोटिल होने की समस्या आम है। तेज गेंदबाजी, लगातार मैच और तीनों प्रारूपों में खेलने के दबाव के कारण खिलाड़ियों को बेहतर रिहैब की जरूरत पड़ती है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उपलब्ध खेल विज्ञान और चिकित्सा सुविधाएं चोट के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षित और व्यवस्थित वापसी में मदद कर सकती हैं।
सिर्फ क्रिकेट नहीं, भविष्य की तैयारी
COE को भारतीय क्रिकेट के भविष्य की तैयारी के नजरिए से भी देखा जा रहा है। यहां युवा खिलाड़ियों की पहचान से लेकर उनकी फिटनेस और कौशल विकास तक कई पहलुओं पर काम किया जा सकता है। अगर इस सुविधा का लंबे समय तक प्रभावी इस्तेमाल होता है तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को इसका फायदा दिखाई दे सकता है।
एक बड़े सपने का पूरा होना
विश्वस्तरीय क्रिकेट खेलने वाले भारत के लिए लंबे समय से ऐसी सुविधा की जरूरत महसूस की जा रही थी जहां खिलाड़ियों को एक ही परिसर में आधुनिक प्रशिक्षण और रिहैबिलिटेशन का अनुभव मिल सके। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का विकास इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यही वजह है कि भारतीय क्रिकेट से जुड़े कई दिग्गज इसे ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।
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