कर्नाटक

हार्ट अटैक समझी गई वकील की मौत निकली हत्या, ऑटो चालक गिरफ्तार

nidhi
25 Oct 2026 11:25 AM IST
हार्ट अटैक समझी गई वकील की मौत निकली हत्या, ऑटो चालक गिरफ्तार
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बेंगलुरु में किराए के विवाद ने ली वकील की जान
बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक वकील की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआत में मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना मानी जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम में सिर की अंदरूनी चोट सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई। पुलिस अब इसे हत्या के मामले के रूप में देख रही है। आरोप है कि ऑटो किराए को लेकर हुए विवाद के बाद चालक ने वकील पर हमला किया था। इस सिलसिले में एक ऑटो चालक को गिरफ्तार किया गया है। मृतक की पहचान 43 वर्षीय श्री राम के रूप में हुई है। नौ अक्टूबर को हुए घटनाक्रम के बाद वह नागरभावी आउटर रिंग रोड पर अचेत अवस्था में मिले थे। पुलिस की गश्ती टीम ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। बाद में परिवार की आशंका और पोस्टमार्टम के निष्कर्षों ने मामले को नया मोड़ दिया।
किराए को लेकर शुरू हुई थी बहस
सामने आई जानकारी के अनुसार, श्री राम ने घर जाने के लिए ऑटो चालक से बात की थी। इसी दौरान किराए को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि मांगी गई रकम पर सहमति नहीं बनने के बाद वकील ने दूसरे ऑटो से जाने का फैसला किया और वहां से आगे बढ़ गए। पुलिस की जांच में इसके बाद मारपीट होने की बात सामने आई है। आरोप है कि चालक ने उनका पीछा किया और उन पर हमला किया। घटनास्थल पर अन्य ऑटो चालकों की मौजूदगी का भी उल्लेख है। उनकी भूमिका और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। किराए को लेकर असहमति से शुरू हुआ यह मामला अब गंभीर आपराधिक जांच का विषय है। विवाद के दौरान किसने क्या कहा और हमले का पूरा क्रम क्या रहा, इन बिंदुओं का अंतिम निर्धारण जांच में जुटाए गए साक्ष्यों से होगा। किसी आरोपी की गिरफ्तारी को अपने आप दोष सिद्ध होना नहीं माना जा सकता।
अस्पताल में नहीं बच सकी जान
घटना के दिन वकील के सड़क पर अचेत मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान उसी दिन उनकी मौत हो गई। शुरुआत में दिल का दौरा पड़ने की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने पहले अप्राकृतिक मृत्यु के रूप में मामला दर्ज किया था। यही शुरुआती आशंका बाद में बदल गई। किसी व्यक्ति के अचानक अचेत होने की जानकारी और उसकी मौत के वास्तविक कारण के बीच अंतर इस मामले में महत्वपूर्ण रहा। जांच केवल शुरुआती अनुमान तक सीमित नहीं रही और शरीर पर मिले चोट के निशानों की जानकारी सामने आने के बाद आगे की पड़ताल हुई।
परिवार की आशंका से सामने आया दूसरा पहलू
परिवार वालों ने शरीर पर चोट के निशान देखे तो उन्हें मौत की परिस्थितियों पर संदेह हुआ। उन्होंने मामले की जांच की मांग उठाई। इसके बाद घटना वाले दिन ऑटो चालक से हुए विवाद की जानकारी भी सामने आई। अन्नपूर्णेश्वरी नगर पुलिस ने इन परिस्थितियों को जांच में शामिल किया। परिवार का संदेह अपने आप किसी निष्कर्ष का प्रमाण नहीं था, लेकिन उसने उस पहलू की ओर ध्यान दिलाया जिसे स्पष्ट करना जरूरी था। इसके बाद चिकित्सकीय निष्कर्ष और घटना से जुड़ी जानकारी को साथ रखकर मौत की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया गया।
पोस्टमार्टम से बदली मामले की दिशा
प्रकाशित विवरण के अनुसार, पोस्टमार्टम में सिर के भीतर खून का थक्का जमने की बात सामने आई। इसी निष्कर्ष के बाद मौत को केवल हार्ट अटैक मानने के बजाय हमले से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई। मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर मामले को हत्या में बदले जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में पोस्टमार्टम का महत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि उससे शुरुआती अनुमान से अलग जानकारी मिली। अब जांच के लिए यह स्थापित करना आवश्यक होगा कि चोट किस तरह लगी और उसका आरोपित हमले से क्या संबंध था। इन सवालों के जवाब घटनाक्रम तथा अन्य साक्ष्यों के मिलान से स्पष्ट होंगे।
मोबाइल और नकदी के बारे में भी पड़ताल
वकील के मोबाइल फोन और नकदी के गायब होने से जुड़े पहलू की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इसे अभी स्थापित लूट के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। पुलिस यह पता लगा रही है कि सामान कब और किन परिस्थितियों में गायब हुआ। फिलहाल एक ऑटो चालक की गिरफ्तारी के बाद मामले की आगे की जांच जारी है। अन्य व्यक्तियों की संभावित भूमिका, कथित हमले और वकील के अचेत मिलने के बीच के घटनाक्रम को स्पष्ट करना बाकी है। इस मामले में शुरुआती आशंका से अलग तथ्य सामने आने के बाद अब पुलिस की जांच हत्या के आरोप और उससे जुड़े साक्ष्यों पर केंद्रित है।
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