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Bengaluru बेंगलुरु। केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार द्वारा बिदादी टाउनशिप परियोजना पर बहस के लिए दिए गए निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बहस तभी सार्थक होगी जब इसमें परियोजना से प्रभावित किसान और स्थानीय ग्रामीण भी शामिल हों। कुमारस्वामी ने कहा कि वह 26 जून को आयोजित होने वाली प्रस्तावित चर्चा में शामिल नहीं हो पाएंगे, क्योंकि उस दिन उनका एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम है। उन्होंने सुझाव दिया कि बहस 27 जून को आयोजित की जाए ताकि सभी संबंधित पक्ष इसमें भाग ले सकें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिदादी टाउनशिप परियोजना का सबसे अधिक प्रभाव किसानों और स्थानीय निवासियों पर पड़ता है, इसलिए उनकी भागीदारी के बिना किसी भी चर्चा का कोई विशेष महत्व नहीं होगा। उन्होंने बिदादी या बायरामंगला गांव को बहस के आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान बताया। कुमारस्वामी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विकास परियोजनाओं पर चर्चा केवल राजनीतिक नेताओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिन लोगों की जमीन, आजीविका और भविष्य इस परियोजना से जुड़ा है, उनकी राय और चिंताओं को भी बराबर महत्व मिलना चाहिए।
बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर राज्य में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस चल रही है। परियोजना के समर्थक इसे क्षेत्र के विकास और निवेश को बढ़ावा देने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि विरोधी पक्ष किसानों की जमीन और स्थानीय हितों पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या राज्य सरकार और विपक्ष किसानों की मौजूदगी में इस बहस के लिए सहमत होते हैं और यह चर्चा किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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