कर्नाटक

Kulageri : होबली में तेज़ हवाओं और बारिश से भारी नुकसान, 67 बिजली के खंभे गिरे, फसलें प्रभावित

Kavita2
14 May 2026 1:57 PM IST
Kulageri : होबली में तेज़ हवाओं और बारिश से भारी नुकसान, 67 बिजली के खंभे गिरे, फसलें प्रभावित
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के कुलगेरी होबली और आसपास के गांवों में मंगलवार शाम अचानक आई तेज़ हवाओं और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। मौसम के इस अचानक बदलाव से कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जबकि बिजली व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई।

स्थानीय जानकारी के अनुसार, तेज़ हवा और बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिर गए और टिन की छतों वाले घरों को भी नुकसान पहुंचा। सबसे ज्यादा असर हगनूर और काकनूर गांवों को जोड़ने वाली बिजली लाइन पर पड़ा, जहां खंभे गिर जाने से बुधवार तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही।

रिपोर्ट के अनुसार, कुल मिलाकर 67 बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। कई गांवों में लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है।

बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में लगे पंप सेट बिजली पर निर्भर होने के कारण सिंचाई व्यवस्था रुक गई है। इससे कई जगहों पर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि बिजली जल्द बहाल नहीं हुई तो फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है।

मौसम की इस आपदा से कई गांवों में मकानों को भी क्षति पहुंची है। टप्पासकट्टी-2, कल्लापुरा SK-8, ममतागेरी-1, हनमसागर-1, कुलगेरी क्रॉस-2 और खानपुर SK-2 जैसे गांवों में घरों की छतें उड़ गईं और कई स्थानों पर दीवारों को भी नुकसान हुआ है। टिन की छतें हवा के दबाव में उड़ जाने से ग्रामीणों को अस्थायी तौर पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक आई तेज़ आंधी ने कुछ ही मिनटों में व्यापक नुकसान पहुंचा दिया। कई पेड़ भी गिर गए और सड़क मार्गों पर बाधा उत्पन्न हुई। ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की तेज़ हवाएं पहले भी आई हैं, लेकिन इस बार नुकसान अपेक्षाकृत अधिक हुआ है।

प्रशासन और बिजली विभाग की टीमों को मौके पर भेजा गया है ताकि गिरे हुए खंभों को हटाकर बिजली आपूर्ति को बहाल किया जा सके। हालांकि, बड़े पैमाने पर नुकसान होने के कारण मरम्मत कार्य में समय लगने की संभावना जताई जा रही है।

किसानों और ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि नुकसान का सर्वे कर जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अपनी फसलों और घरों की मरम्मत कर सकें। कई किसानों ने बताया कि बिजली बंद होने से सिंचाई रुक गई है और यदि जल्द व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

फिलहाल, क्षेत्र में स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन 67 खंभों के गिरने और व्यापक नुकसान के कारण मरम्मत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ग्रामीण प्रशासन से राहत और तेज कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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