
बेंगलुरु। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की वेटरनरी ऑफिसर भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामले में लंबे समय से जांच एजेंसियों के संपर्क से बाहर चल रहे IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार आखिरकार शुक्रवार को CID के सामने पेश हो गए। CID का नोटिस मिलने के बाद वह जांच अधिकारी राघवेंद्र हेगड़े के सामने पूछताछ के लिए पहुंचे।
बताया जा रहा है कि IAS अधिकारी को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह निर्धारित समय पर CID कार्यालय नहीं पहुंचे। इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे वह CID ऑफिस पहुंचे और जांच प्रक्रिया में शामिल हुए।
KPSC में परीक्षा नियंत्रक थे ज्ञानेंद्र कुमार
2016 बैच के IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार जब कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में परीक्षा नियंत्रक के पद पर तैनात थे, उसी दौरान वेटरनरी ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी।
इस भर्ती में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ और कुछ उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
मामले की जांच अब CID और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी एजेंसियां कर रही हैं।
जांच एजेंसियों की नजर में थे अधिकारी
वेटरनरी ऑफिसर भर्ती घोटाले की जांच के दौरान IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार का नाम सामने आया।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उनकी क्या भूमिका थी और क्या किसी तरह की अनियमितता में उनकी संलिप्तता रही।
इसी सिलसिले में CID ने उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था।
पेश नहीं होने पर बढ़ी थी चर्चा
CID की ओर से बुलाए जाने के बावजूद जब ज्ञानेंद्र कुमार निर्धारित तारीख पर पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे तो मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी थी।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मामले में अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, अब अधिकारी के CID के सामने पेश होने के बाद जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।
ED भी कर रही है मामले की जांच
KPSC भर्ती घोटाले से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित अनियमितताओं से किसी तरह का आर्थिक लाभ पहुंचाया गया या नहीं।
इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
भर्ती प्रक्रिया पर उठे थे सवाल
वेटरनरी ऑफिसर भर्ती को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी।
शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कुछ स्तरों पर गड़बड़ी हुई।
इसके बाद जांच एजेंसियों ने मामले से जुड़े अधिकारियों और अन्य लोगों से पूछताछ शुरू की।
CID जुटा रही है जानकारी
CID अधिकारी अब IAS ज्ञानेंद्र कुमार से भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछ सकते हैं।
जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास करेगी कि परीक्षा आयोजन, मूल्यांकन प्रक्रिया और चयन से जुड़े फैसलों में किन अधिकारियों की भूमिका थी।
इसके अलावा भर्ती से संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
राजनीतिक विवाद भी बढ़ा
इस मामले को लेकर कर्नाटक की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
विपक्षी दलों ने सरकार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जबकि सरकार की ओर से जांच एजेंसियों को अपना काम करने देने की बात कही जा रही है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के CID के सामने पेश होने के बाद अब जांच की दिशा महत्वपूर्ण हो गई है।
पूछताछ में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई तय करेंगी।
फिलहाल भर्ती घोटाले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।





