
बेंगलुरु: राज्य सरकार ने शनिवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती प्रक्रिया से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 218 के तहत अभियोजन स्वीकृति जारी की है। आदेश में कहा गया है कि भ्रष्टाचार के मामले में गंगवार के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति दी गई है। केपीएससी सचिव रह चुके गंगवार पर आयोग के माध्यम से पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं में भूमिका निभाने का आरोप है।
आरोपों में मूल्यांकन के दौरान अंकों में हेरफेर और चयन प्रक्रिया में कुछ उम्मीदवारों का पक्ष लेना शामिल है। जांचकर्ता इन आरोपों की जांच कर रहे हैं कि योग्य उम्मीदवारों को कम अंक दिए गए, जबकि कथित तौर पर पैसे देने वाले उम्मीदवारों के अंक बढ़ा दिए गए।
रिपोर्टों के अनुसार, कथित अनियमितताओं के संबंध में केपीएससी परीक्षा प्रभाग से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञों और मूल्यांकनकर्ताओं को भी नामित किया गया है। बीएनएसएस की धारा 218 न्यायाधीशों और लोक सेवकों से जुड़े निर्दिष्ट मामलों में अदालत द्वारा आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से जुड़े कथित अपराधों का संज्ञान लेने से पहले पूर्व मंजूरी प्रदान करती है।
"हमारी सरकार भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी या दोषियों को नहीं बचाएगी। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दे दी गई है। हमारी सरकार किसी भी गलत काम को बर्दाश्त नहीं करेगी जो हमारे युवाओं के भविष्य को खतरे में डालती है या निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया में उनके विश्वास को कम करती है," सीएम ने कहा।





