
Karnataka कर्नाटक: प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने उन खबरों पर खेद व्यक्त किया है, जिनमें कहा गया था कि कुछ छात्र राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शामिल नहीं हो पाए। यह मामला रविवार को बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में कांग्रेस की ‘संकल्प’ रैली के आयोजन के बाद सामने आया, जहां ट्रैफिक जाम के कारण कुछ छात्रों के परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में देरी की बात कही गई।
इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस की रैली के कारण शहर में भारी ट्रैफिक जाम लगा और कई छात्र परीक्षा से वंचित रह गए। हालांकि KPCC अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम को सोच-समझकर रविवार को आयोजित किया गया था, ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो।
हरिप्रसाद ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, RC कॉलेज परीक्षा केंद्र पर 720 उम्मीदवारों में से केवल दो या तीन छात्र ही परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी छात्र को पार्टी के कार्यक्रम के कारण परेशानी हुई है, तो कांग्रेस को इसका खेद है।
उन्होंने आगे कहा, “हमारी टीम उन प्रभावित छात्रों से मुलाकात करेगी और उन्हें हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।” यह बयान ऐसे समय आया है जब मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
KPCC अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के कार्यक्रम का समय सुबह 11 बजे निर्धारित था, जबकि NEET परीक्षा दोपहर 1:30 बजे शुरू होनी थी। उन्होंने कहा कि दोनों कार्यक्रमों के समय में अंतर था और पार्टी का उद्देश्य किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि शहर में आयोजित बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, और इस संबंध में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से की जाती हैं।
इस पूरे मामले पर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। जहां एक तरफ विपक्ष कांग्रेस पर छात्रों को प्रभावित करने का आरोप लगा रहा है, वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
हरिप्रसाद ने कहा कि कांग्रेस शिक्षा और छात्रों के हितों के प्रति संवेदनशील है और यदि किसी छात्र को वास्तव में परेशानी हुई है, तो पार्टी उसकी जिम्मेदारी लेने से पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने यह भी दोहराया कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसी को असुविधा पहुंचाना नहीं था, बल्कि जनता से संवाद स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा यह सुनिश्चित करती है कि उसके आयोजनों से आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।
इस बीच प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बड़े आयोजनों के दौरान ट्रैफिक नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की होती है।
फिलहाल कांग्रेस की ओर से प्रभावित छात्रों से संपर्क करने और स्थिति का आकलन करने की बात कही गई है। मामले को लेकर आगे राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रशासनिक रिपोर्ट आने की संभावना है।





