
Karnataka कर्नाटक: सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी ने आरएसएस को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस नेता और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस की आलोचना करने के बजाय राज्य के गृह मंत्री को ड्रग्स, आतंकवाद और कानून-व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
मंगलवार को दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुजारी ने कहा कि आरएसएस कोई “जय पाकिस्तान” कहने वाला संगठन नहीं है और इसे लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस केवल कर्नाटक या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी शाखाएं दुनिया के लगभग 50 देशों में सक्रिय हैं।
आरएसएस के रजिस्ट्रेशन से जुड़े सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए पुजारी ने कहा कि यह मामला संगठन का आंतरिक विषय है और इसका जवाब संघ ही देगा। उन्होंने कहा कि संघ के वरिष्ठ सदस्यों ने पहले भी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है, इसलिए इस पर अलग से राजनीतिक बहस की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि पहले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन बाद में संगठन को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का अवसर दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी संघ पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई।
कोटा श्रीनिवास पुजारी ने आगे कहा कि राज्य के गृह मंत्री को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जमीनी स्तर की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा स्थिति में ऐसा लग रहा है जैसे गृह मंत्री “सुपर सीएम” की तरह काम कर रहे हैं, जबकि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में ड्रग्स और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण जरूरी है और इसके लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए। पुजारी ने कहा कि जनता उम्मीद करती है कि नेता बयानबाजी से ज्यादा काम पर ध्यान देंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में आरएसएस और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस और तेज हो सकती है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर गहरा सकता है।





