कर्नाटक

किडनी ट्रांसप्लांट कराने वालों ने मैदान में दिखाई हिम्मत, किसी ने लगाई दौड़ तो किसी ने जीता दिल

Kavita2
8 Oct 2026 11:43 AM IST
किडनी ट्रांसप्लांट कराने वालों ने मैदान में दिखाई हिम्मत, किसी ने लगाई दौड़ तो किसी ने जीता दिल
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गडग। कर्नाटक के गडग जिले में आयोजित एक अनोखे खेल महोत्सव ने साबित किया कि जिंदगी की कठिन चुनौतियों के बाद भी हौसला और आत्मविश्वास बनाए रखा जा सकता है। शहर के केएच पाटिल स्टेडियम में आयोजित 'गडग ट्रांसप्लांट गेम्स 2026' में किडनी प्रत्यारोपण करा चुके लोगों और किडनी दान करने वालों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कुछ प्रतिभागियों ने दौड़ लगाई तो कुछ ने गोला फेंक, चक्का फेंक और अन्य खेलों में अपना दम दिखाया। आयोजन की खास बात यह रही कि यहां जीतने वालों के साथ दौड़ पूरी करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी का तालियों से स्वागत किया गया। पूरे कर्नाटक से लगभग 60 किडनी प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं और अंगदाताओं ने इस आयोजन में हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रत्यारोपण के बाद स्वस्थ तथा सक्रिय जीवन जीने के लिए लोगों को प्रेरित करना था।

किडनी की बीमारी से जूझ चुके लोगों ने लगाई दौड़

गडग के केएच पाटिल स्टेडियम में 16 अगस्त 2026 को आयोजित इस विशेष खेल प्रतियोगिता का नजारा सामान्य खेल आयोजनों से अलग था। यहां मैदान में उतरने वाले कई प्रतिभागी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर चुके थे।

किसी ने किडनी प्रत्यारोपण कराया था तो किसी ने अपने परिवार के सदस्य को किडनी दान की थी। इनके साथ परिवार के सदस्य और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोग भी मौजूद थे।

प्रतिभागियों ने अपनी शारीरिक क्षमता और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार विभिन्न खेल गतिविधियों में भाग लिया।

आयोजकों का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं था, बल्कि ऐसे लोगों में आत्मविश्वास बढ़ाना था, जो लंबे समय तक बीमारी और उपचार से गुजर चुके हैं।

60 प्रतिभागियों ने दिखाया उत्साह

गडग ट्रांसप्लांट गेम्स में कर्नाटक के विभिन्न जिलों से करीब 60 अंगदाता और किडनी प्रत्यारोपण करा चुके लोग शामिल हुए।

प्रतियोगिता में छोटी दूरी की दौड़, रेस वॉक, गोला फेंक, चक्का फेंक, टेबल टेनिस और कैरम जैसे खेल आयोजित किए गए।

इन गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

कई लोगों के लिए लंबे समय तक इलाज कराने के बाद खेल के मैदान में उतरना ही बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि थी।

कार्यक्रम में जीत और हार से अधिक महत्व उत्साह, भागीदारी और आत्मविश्वास को दिया गया।

पत्नी ने दी किडनी, तीन महीने बाद मैदान में उतरे फिरोज

इस आयोजन में गडग के रहने वाले फिरोज खान होस्पेटी की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक रही।

फिरोज ने बताया कि उनकी पत्नी ने मई 2026 में उन्हें अपनी एक किडनी दान की थी। किडनी प्रत्यारोपण के लगभग तीन महीने बाद वह इस खेल प्रतियोगिता में शामिल हुए।

फिरोज ने कार्यक्रम में भाग लेने को अपने लिए सुखद अनुभव बताया।

उन्होंने उपचार में सहयोग देने वाले चिकित्सकों डॉ. अविनाश, डॉ. पवन कोलीवाड और डॉ. दीपक कुरहट्टी के प्रति आभार व्यक्त किया।

उनकी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सफल प्रत्यारोपण और चिकित्सकीय देखरेख के बाद कुछ मरीज दोबारा सक्रिय जीवन की ओर लौट सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक मरीज की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है।

दावणगेरे के राजेश को मिला नया आत्मविश्वास

प्रतियोगिता में दावणगेरे के रहने वाले राजेश पी. भी शामिल हुए। उनका भी किडनी प्रत्यारोपण हो चुका है।

राजेश ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जब उन्हें डॉ. अविनाश का फोन आया तो उन्होंने सबसे पहले पूछा कि प्रतियोगिता में कौन लोग हिस्सा लेंगे।

जब उन्हें पता चला कि इसमें किडनी दान करने वाले और प्रत्यारोपण करा चुके लोग भाग लेंगे, तो वह हैरान रह गए।

उन्होंने बताया कि इस आयोजन में शामिल होने के बाद वह पहले से अधिक आत्मविश्वास के साथ घर लौटे।

ऐसे अनुभवों ने आयोजन के उस उद्देश्य को सामने रखा, जिसमें बीमारी से उबर चुके लोगों को सामाजिक गतिविधियों से दोबारा जोड़ने पर जोर दिया गया।

पहली बार आयोजित हुए ट्रांसप्लांट गेम्स

आयोजकों के अनुसार, गडग में इस तरह का आयोजन कर्नाटक में पहली बार किया गया।

संकल्प किडनी केयर फाउंडेशन ने केएच पाटिल अस्पताल, एचके पाटिल प्रतिष्ठान और अन्य संस्थाओं के सहयोग से खेल प्रतियोगिता आयोजित की।

इसका उद्देश्य अंगदान को लेकर समाज में मौजूद आशंकाओं और गलत धारणाओं को दूर करना भी था।

कार्यक्रम का आयोजन 13 अगस्त को मनाए गए विश्व अंगदान दिवस के बाद जागरूकता गतिविधियों की कड़ी में किया गया था।

आयोजकों ने बताया कि अंगदान करने वाले और प्रत्यारोपण प्राप्त करने वाले लोगों को एक मंच पर लाकर उनके अनुभव साझा कराने का प्रयास किया गया।

डॉ. अविनाश की पहल से हुआ आयोजन

संकल्प किडनी केयर फाउंडेशन के सचिव डॉ. अविनाश ओदुगौडर ने इस विशेष खेल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने पहले दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय ट्रांसप्लांट गेम्स देखे थे। उसी से प्रेरित होकर उन्होंने गडग में ऐसा आयोजन करने की योजना बनाई।

उनके साथ फाउंडेशन के अन्य चिकित्सकों और सदस्यों ने भी तैयारियों में सहयोग किया।

डॉ. अविनाश ने कहा कि संस्था अंगदान को बढ़ावा देने, प्रत्यारोपण करा चुके मरीजों की सहायता करने और जरूरतमंद लोगों तक गुणवत्तापूर्ण किडनी उपचार पहुंचाने के लिए काम कर रही है।

आयोजन में गडग के विधायक एचके पाटिल ने भी सहयोग दिया।

अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की कोशिश

भारत में किडनी संबंधी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कुछ मरीजों को प्रत्यारोपण की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन उपयुक्त अंगदाता की उपलब्धता, इलाज का खर्च और प्रत्यारोपण से जुड़ी जानकारी की कमी कई परिवारों के लिए चुनौती बन सकती है।

ऐसे में गडग ट्रांसप्लांट गेम्स जैसे आयोजन अंगदान के महत्व को समझाने का माध्यम बन रहे हैं।

आयोजकों ने बताया कि संकल्प किडनी केयर फाउंडेशन का उद्देश्य अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाना और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के प्रत्यारोपण में सहायता करना है।

फाउंडेशन के आनंद पोटनिस ने भविष्य में भी इस तरह के आयोजन करने की बात कही।

चिकित्सकीय सलाह के बाद ही खेल गतिविधियां जरूरी

किडनी प्रत्यारोपण करा चुके लोगों के लिए शारीरिक गतिविधियां स्वास्थ्य सुधार का हिस्सा हो सकती हैं। हालांकि, प्रत्यारोपण के बाद शरीर की स्थिति, दवाओं और संक्रमण के जोखिम को ध्यान में रखना आवश्यक है।

चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मरीजों को दौड़ या अन्य खेल शुरू करने से पहले अपने उपचार करने वाले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

हर मरीज की शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। इसलिए एक मरीज की उपलब्धि को सभी प्रत्यारोपण मरीजों के लिए समान मानक नहीं माना जा सकता।

गडग में आयोजित प्रतियोगिता ने स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के साथ सक्रिय जीवनशैली के महत्व पर ध्यान आकर्षित किया।

जीत से ज्यादा भागीदारी बनी पहचान

गडग ट्रांसप्लांट गेम्स 2026 की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहां खिलाड़ियों की उपलब्धियों को केवल पदक या स्थान के आधार पर नहीं देखा गया।

प्रतिभागियों ने दौड़ लगाई, विभिन्न खेलों में हिस्सा लिया और एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाया।

किडनी प्रत्यारोपण करा चुके लोगों और अंगदाताओं के लिए यह आयोजन अपने अनुभव साझा करने तथा नए लोगों से जुड़ने का अवसर भी बना।

कई प्रतिभागियों ने लंबे उपचार के बाद खेल गतिविधियों में हिस्सा लेकर आत्मविश्वास हासिल किया।

इस आयोजन ने अंगदान के महत्व के साथ यह संदेश दिया कि गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से गुजरने वाले लोगों के जीवन में भी खेल, सामाजिक सहयोग और सकारात्मक गतिविधियों का महत्वपूर्ण स्थान हो सकता है।

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