
Karnataka कर्नाटक: बेंगलुरु में नादाप्रभु नादाप्रभु केम्पेगौड़ा की जयंती इस साल 27 तारीख को सुबह 11:30 बजे नए बने केम्पेगौड़ा लेआउट में मनाई जाएगी। इस संबंध में इंटरनैशनल को लेकर मंगलवार को विधान सौधा के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रारंभिक बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद कर्नाटक के कलाकार डी. के. शिवकुमार ने मीडिया को जानकारी दी।
डी.के. शिवकुमार ने बताया कि इस वर्ष के जयंती समारोह को बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना बनाई गई है और इसके तहत बेंगलुरु शहर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) के अध्यक्ष हैरिस की देखरेख में शहर में लगभग 15 लाख पेड़ लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य शहर को अधिक हरित और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी केम्पेगौड़ा जयंती के लिए सभी संबंधित संगठनों के साथ मिलकर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि शहर में मौजूद चार प्रमुख केम्पेगौड़ा टावरों से अलग-अलग टीमों को कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा, ताकि पूरे शहर में उत्सव का माहौल बनाया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि इन चार टावर्स की जिम्मेदारी अलग-अलग नेताओं को सौंपी गई है, जिनमें आर. रामलिंगा रेड्डी, के.जे. जॉर्ज, बिरथी सुरेश और कृष्णा बायरे गौड़ा शामिल हैं। इन सभी नेताओं को अलग-अलग होटलों में कार्यक्रम संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा मगाडी क्षेत्र की टीम का नेतृत्व हुलियूर दुर्गा के स्थानीय नेता और अन्य प्रतिनिधि करेंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों कार्यक्रमों में कार्यक्रमों की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। वहीं केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर होने वाले कार्यक्रम के संचालन मंत्री के. एच. मुनियप्पा द्वारा किया गया।
डी.के. शिवकुमार ने यह भी बताया कि कृष्णा बायरे गौड़ा की देखरेख में बेंगलुरु के कुछ हिस्सों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं, ताकि जयंती समारोह को व्यापक और व्यवस्थित रूप से आयोजित किया जा सके।
सरकार का कहना है कि यह आयोजन केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं है, बल्कि बेंगलुरु के संस्थापक नाडाप्रभु केम्पेगौड़ा के योगदान को याद करने और शहर के विकास के प्रति उनकी दृष्टि को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है।
कुल मिलाकर, इस वर्ष केम्पेगौड़ा जयंती को भव्य स्तर पर मनाने की तैयारी की जा रही है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है।





