
बेंगलुरु: कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी (KEA) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (UGCET) के तहत विभिन्न प्रोफेशनल डिग्री पाठ्यक्रमों के प्रथम चरण (राउंड-1) के सीट आवंटन के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं। परिणाम जारी होने के साथ ही हजारों अभ्यर्थियों का इंतजार समाप्त हो गया है। अब जिन छात्रों को सीट आवंटित हुई है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
KEA द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में उपलब्ध 1,41,872 सीटों में से 1,22,512 सीटों का आवंटन किया गया है। इससे स्पष्ट है कि इस वर्ष छात्रों ने तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में बड़ी रुचि दिखाई है।
24 जुलाई तक पूरी करनी होगी प्रवेश प्रक्रिया
KEA ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की गई हैं, उन्हें 24 जुलाई तक अपनी सीट स्वीकार करने, निर्धारित प्रवेश शुल्क का भुगतान करने तथा आवंटित कॉलेज में रिपोर्ट करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
यदि कोई छात्र निर्धारित समय सीमा तक आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं करता है, तो उसकी सीट अगले चरण की काउंसलिंग के लिए उपलब्ध कराई जा सकती है। इसलिए छात्रों को समय पर सभी प्रक्रियाएं पूरी करने की सलाह दी गई है।
इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को मिला जबरदस्त प्रतिसाद
इस वर्ष इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश लेने के लिए छात्रों का उत्साह सबसे अधिक देखने को मिला। KEA के अनुसार इंजीनियरिंग की कुल 91,724 सीटों में से 90,748 सीटों का आवंटन पहले ही चरण में हो चुका है। इसका अर्थ है कि केवल 976 सीटें ही खाली बची हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और कंप्यूटर साइंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में बढ़ते रोजगार के अवसरों के कारण इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की मांग लगातार बढ़ रही है।
वेटेरिनरी साइंस की सभी सीटें भरीं
KEA के कार्यकारी निदेशक एच. प्रसन्ना ने बताया कि इस वर्ष वेटेरिनरी साइंस पाठ्यक्रम को भी छात्रों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है।
उन्होंने जानकारी दी कि इस कोर्स की 361 सीटें पूरी तरह भर गई हैं। इससे स्पष्ट होता है कि पशु चिकित्सा के क्षेत्र में भी छात्रों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
मेडिकल और डेंटल काउंसलिंग बाद में
इस वर्ष राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) निर्धारित समय से देरी से आयोजित होने के कारण मेडिकल से जुड़े पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग फिलहाल शुरू नहीं की गई है।
KEA ने बताया कि MBBS, BDS, AYUSH और फार्मेसी सहित अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की सीट आवंटन प्रक्रिया NEET के अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद शुरू की जाएगी।
इस निर्णय का उद्देश्य सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान करना और प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।
छात्रों को जारी किए गए जरूरी निर्देश
प्राधिकरण ने सीट प्राप्त करने वाले सभी उम्मीदवारों से कहा है कि वे KEA द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें।
अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सीट स्वीकार करनी होगी, निर्धारित शुल्क जमा करना होगा और तय समय के भीतर संबंधित कॉलेज में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट करना होगा।
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
दूसरे चरण की तैयारी भी शुरू
पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद KEA दूसरे राउंड की काउंसलिंग की तैयारी भी शुरू करेगा। पहले चरण में जिन सीटों पर प्रवेश नहीं होगा या जिन्हें छात्र स्वीकार नहीं करेंगे, उन्हें अगले चरण में शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा, जिन अभ्यर्थियों को पहले राउंड में सीट नहीं मिली है या जो बेहतर विकल्प की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उन्हें दूसरे चरण में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया पर जोर
कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी लगातार ऑनलाइन और पारदर्शी काउंसलिंग प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। सीट आवंटन पूरी तरह मेरिट, अभ्यर्थियों की पसंद और आरक्षण नियमों के आधार पर किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और समयबद्ध बनाने के लिए तकनीकी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रोफेशनल डिग्री पाठ्यक्रमों की बढ़ती मांग को देखते हुए UGCET के माध्यम से होने वाला प्रवेश राज्य के लाखों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इंजीनियरिंग और वेटेरिनरी जैसे पाठ्यक्रमों में लगभग सभी सीटों का भर जाना इस बात का संकेत है कि छात्र रोजगारोन्मुखी शिक्षा की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
अब सभी की निगाहें मेडिकल, डेंटल, आयुष और फार्मेसी पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग पर टिकी हैं, जो NEET परिणाम जारी होने के बाद शुरू होगी। वहीं, प्रथम चरण में सीट प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए 24 जुलाई तक प्रवेश संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य होगा।





