
बेंगलुरु: रायचूर ज़िले में एक होटल मालिक के ख़िलाफ़ छुआछूत बरतने के आरोप में 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम' के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा फैल गया। इस वीडियो में होटल मालिक शिवप्पा एस. हदापद को इच्चानल गांव में एक दलित व्यक्ति के पास खड़े होकर उसके मुंह में पीने का पानी डालते हुए देखा गया था।
इस इलाके के छोटे भोजनालय और होटल अक्सर दलित ग्राहकों को सेवा नहीं देते हैं। जब वे पीने के पानी की मांग करते हैं, तो होटल वाले उन्हें आम ग्राहकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गिलास में पानी देने से मना कर देते हैं।
कुछ जगहों पर दलित ग्राहकों के लिए अलग बर्तन, कप और प्लेटें रखी जाती हैं। कुछ लोगों का कहना है कि भोवी और लंबानी जैसी दलित जातियों के साथ छुआछूत नहीं बरती जाती, लेकिन ये पाबंदियां 'अछूत' माने जाने वाले दलितों पर लागू होती हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ भोजनालयों और रेस्तरां में दलितों के लिए अलग टेबल और सीटें तय होती हैं।





