
x
बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने राज्य की महत्वाकांक्षी KWIN सिटी परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के बृहद एवं मध्यम उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को अधिकारियों को परियोजना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगले साल फरवरी-मार्च 2027 तक परियोजना में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की जानी चाहिए। साथ ही निवेशकों को औद्योगिक भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।बेंगलुरु स्थित खनिजा भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री एमबी पाटिल ने कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (KIADB) के अधिकारियों को आवश्यक कार्य युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर आगे बढ़ाने के लिए जरूरत पड़ने पर चौबीसों घंटे काम किया जाए।
हर 15 दिन में देनी होगी प्रगति रिपोर्ट
समीक्षा बैठक के दौरान एमबी पाटिल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि KWIN सिटी परियोजना की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए।इसके लिए प्रत्येक 15 दिन में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। इस रिपोर्ट के माध्यम से यह जानकारी ली जाएगी कि परियोजना में कौन-कौन से कार्य पूरे हुए हैं और किन कार्यों में देरी हो रही है।मंत्री ने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को समय रहते दूर करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से काम की गति बढ़ाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा।
परियोजना स्थल पर ही काम करेगी विशेष टीम
एमबी पाटिल ने उद्योग विभाग के भीतर एक समर्पित टीम गठित करने का निर्देश दिया है। इस टीम के सदस्य परियोजना स्थल पर मौजूद रहकर कामकाज की निगरानी करेंगे।मंत्री के अनुसार, परियोजना से जुड़े अधिकारियों की मौके पर मौजूदगी से समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सकेगा।इस व्यवस्था के जरिए विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बेहतर बनाने और प्रशासनिक निर्णयों में होने वाली देरी को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
जमीन अधिग्रहण और सड़क निर्माण पर विशेष ध्यान
समीक्षा बैठक में परियोजना से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने जमीन अधिग्रहण, पहुंच मार्ग, जल निकासी और अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े औद्योगिक और शहरी विकास प्रोजेक्ट के लिए सड़क संपर्क तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाएं महत्वपूर्ण होती हैं।इसलिए परियोजना स्थल तक पहुंचने के लिए सड़कों की व्यवस्था, जल निकासी प्रणाली और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जाए।
क्या है कर्नाटक की KWIN सिटी परियोजना?
KWIN सिटी का पूरा नाम नॉलेज, वेलबीइंग एंड इनोवेशन सिटी है। यह कर्नाटक सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक, अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देना है।इस परियोजना को बेंगलुरु के उत्तरी क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। सरकार इसे भविष्य के ज्ञान आधारित उद्योगों और अनुसंधान संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तैयार करना चाहती है।KWIN सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य सेवाओं, उच्च शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान देने की योजना है।
निवेशकों को प्लॉट आवंटन में तेजी लाने का लक्ष्य
एमबी पाटिल ने अधिकारियों को निवेशकों के लिए भूखंड आवंटन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।सरकार का उद्देश्य परियोजना में निवेश करने के इच्छुक उद्योगों और संस्थानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।इसके लिए KIADB को संबंधित प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और परियोजना के विकास कार्यों में तेजी लाने की जिम्मेदारी दी गई है।सरकार का मानना है कि परियोजना में प्रगति होने से नए उद्योगों, अनुसंधान संस्थानों और तकनीकी कंपनियों को आकर्षित करने में सहायता मिल सकती है।
रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
KWIN सिटी परियोजना को कर्नाटक में भविष्य के औद्योगिक विकास और निवेश विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।इस परियोजना के माध्यम से तकनीक आधारित उद्योगों के लिए नया वातावरण तैयार करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की उम्मीद है।एमबी पाटिल ने अधिकारियों से कहा कि परियोजना की समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर काम करें।फिलहाल सरकार ने फरवरी-मार्च 2027 तक महत्वपूर्ण प्रगति हासिल करने और निवेशकों को प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
Next Story





