
यादगीर कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के एक मामले में छह आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। यादगीर: यादगीर की प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने छह आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इन आरोपियों में सरकारी रेलवे पुलिस बल (GRPF) का एक जवान भी शामिल है। इन पर शादी का झांसा देकर 22 वर्षीय महिला के साथ बार-बार यौन उत्पीड़न करने का आरोप है।
सरकारी अभियोजक गुरुलिंगप्पा श्रीमंत तेली ने बताया कि जज ए. एरन्ना ने जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले की जांच अभी चल रही है और सबूत व दस्तावेज जुटाने का काम पूरा नहीं हुआ है।
फोरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट का भी इंतजार है।
सरकारी अभियोजक ने बताया कि अदालत ने यह देखते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं कि अगर आरोपियों को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं या उन्हें नष्ट कर सकते हैं।
तेली ने बताया कि छह आरोपियों में से पहला, तीसरा और चौथा आरोपी हिरासत में है, जबकि दूसरा, पांचवां और छठा आरोपी फरार है।
जमानत की सुनवाई के दौरान उन्होंने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया।
महिला की शिकायत के अनुसार, उसकी मुलाकात यादगीर रेलवे स्टेशन पर मल्लप्पा नाम के एक व्यक्ति से हुई थी।
आरोप है कि उसने महिला से शादी करने का वादा किया और उसे कई जगहों पर ले गया।
इसके बाद, उसने और अन्य आरोपियों ने (जिनमें GRPF का एक जवान भी शामिल है) महिला को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी और उसका यौन उत्पीड़न किया।
इससे पहले अगस्त में, यादगीर जा रही एक बस में एक व्यक्ति ने महिला को रोते हुए देखा और 112 नंबर पर कॉल करके इमरजेंसी रिस्पॉन्स सर्विस को सूचित किया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को बचाया और उसे 'शक्ति सदन' पहुंचाया, जो संकट में फंसी महिलाओं के लिए एक सहायता केंद्र है।
इसके बाद, महिला की शिकायत के आधार पर 16 सितंबर को यादगीर महिला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।





