
बल्लारी: रविवार को बीजेपी की 'बल्लारी चलो' पदयात्रा बल्लारी ज़िले में पहुँची। पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने इस यात्रा का ज़ोरदार स्वागत किया। राज्य अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र के नेतृत्व में यह यात्रा अपना छठा दिन पूरा करने के बाद तुंगभद्रा नदी पार करके आगे बढ़ी।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए पारंपरिक 'पूर्ण कुंभ' के साथ यात्रा का स्वागत किया। जैसे-जैसे पदयात्रा ज़िले में आगे बढ़ी, रास्ते में लोगों ने भी नेताओं का अभिवादन किया।
काम्पली विधानसभा क्षेत्र से ज़िले में प्रवेश करने से पहले, विजयेंद्र ने तुंगभद्रा नदी की पूजा की और किसानों तथा नदी पर निर्भर लोगों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
दिन की शुरुआत विजयेंद्र ने गंगावती के पास मराली गाँव में चरवाहा परिवारों से बातचीत करके की। उन्होंने भेड़ पालन पर निर्भर परिवारों से बात की और उनकी आजीविका, रोज़मर्रा की मुश्किलों और सरकार से उनकी उम्मीदों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने उनकी चिंताओं को सुना और भेड़ पालन करने वाले परिवारों को होने वाली मुश्किलों और नुकसान के बारे में विस्तार से जाना। इस बातचीत से विजयेंद्र को चरवाहा समुदाय, खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने का मौका मिला।
काम्पली तालुक के विनोबा नगर में लंच ब्रेक के दौरान, विजयेंद्र ने छात्रों और युवाओं से बातचीत की और उनकी उम्मीदों व भविष्य से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
उन्होंने कहा, "युवाओं की प्रतिभा, कौशल, उत्साह और रचनात्मकता ही विकसित भारत की असली ताकत है। लेकिन कांग्रेस सरकार की अनदेखी के कारण युवा पीढ़ी अनिश्चितता का सामना कर रही है। इसकी वजह स्कूलों और कॉलेजों में खराब इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों के खाली पद, बेरोज़गारी और परीक्षाओं में गड़बड़ियाँ हैं।"
जब पदयात्रा विनोबा नगर से गुज़र रही थी, तो विजयेंद्र की नज़र सड़क पर बने एक गड्ढे पर पड़ी और उन्होंने खुद उसे भरा। इस घटना ने इलाके से गुज़र रही पदयात्रा के दौरान स्थानीय सड़कों की हालत की ओर सबका ध्यान खींचा।





