
Karnataka कर्नाटक: तटीय कर्नाटक के कई गांवों में माइग्रेशन के कारण घर खाली हो रहे हैं और बड़ी संख्या में बुजुर्ग तथा बीमार लोग अकेले जीवन बिताने को मजबूर हैं। ऐसे समय में उडुपी जिले के कुंदापुर तालुक की वंडसे ग्राम पंचायत ने एक अनोखी और मानवीय पहल शुरू की है, जिसने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है।
वंडसे ग्राम पंचायत ने कर्नाटक का पहला कम्युनिटी-बेस्ड पैलिएटिव केयर प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसका उद्देश्य उन बुजुर्गों, गंभीर रूप से बीमार और बिस्तर पर पड़े मरीजों की देखभाल करना है, जो अपने परिवारों से दूर अकेले रह रहे हैं। यह पहल ग्रामीण स्थानीय निकाय की नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
यह परियोजना सितंबर 2025 में शुरू की गई थी और अब इसका विस्तार सात ग्राम पंचायतों तक हो चुका है। वर्तमान में इस सेवा के माध्यम से 300 से अधिक लोगों को मुफ्त घर-आधारित मेडिकल और मनोवैज्ञानिक (साइकोलॉजिकल) देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल ने उन लोगों को बड़ी राहत दी है जो शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर स्थिति में हैं और नियमित अस्पताल नहीं जा सकते।
इस कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्यकर्मी और प्रशिक्षित स्वयंसेवक नियमित रूप से मरीजों के घर जाकर उनकी देखभाल करते हैं। इसमें दवा देना, स्वास्थ्य जांच करना और मानसिक सहयोग प्रदान करना शामिल है। कई मामलों में अकेलेपन से जूझ रहे बुजुर्गों को भावनात्मक सहारा भी दिया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रहे पलायन के कारण सामाजिक संरचना प्रभावित हुई है, जिससे कई घरों में केवल बुजुर्ग सदस्य ही रह गए हैं। ऐसे में यह पहल उन लोगों के लिए जीवन रेखा साबित हो रही है, जिन्हें पहले पर्याप्त देखभाल नहीं मिल पा रही थी।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस मॉडल का उद्देश्य केवल चिकित्सा सहायता देना नहीं है, बल्कि एक ऐसा समुदाय आधारित समर्थन तंत्र तैयार करना है, जिसमें हर जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर देखभाल मिल सके। इस परियोजना को सफल बनाने में पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
वंडसे ग्राम पंचायत की इस पहल को अब एक आदर्श मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जिसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है। यह प्रयास ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





