कर्नाटक

Karnataka : गौर शिकार केस में दो शिकारी गिरफ्तार, वन विभाग ने घेरा

Kavita2
18 July 2026 4:10 PM IST
Karnataka : गौर शिकार केस में दो शिकारी गिरफ्तार, वन विभाग ने घेरा
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कर्नाटक : वन विभाग ने अवैध शिकार के मामले में दो संदिग्ध शिकारियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी छर्रे लगने से घायल होने के बाद जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे थे, जहां से वन अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नपोकलु निवासी जुबैर और याकूब के रूप में हुई है। दोनों पर बेट्टाथुर के पास स्थित पट्टीघाट रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में इंडियन गौर (जंगली भैंसा) का अवैध शिकार करने का आरोप लगाया गया है। वन विभाग मामले की आगे की जांच कर रहा है।

वन अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि पट्टीघाट रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में कुछ लोग अवैध शिकार की गतिविधियों में शामिल हैं। सूचना मिलने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गुरुवार रात इलाके से बाहर निकलने वाले प्रमुख रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी और कई स्थानों पर नाकाबंदी कर दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि शिकारियों को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने विशेष रणनीति बनाई थी। जंगल क्षेत्र से बाहर आने वाले रास्तों पर कर्मचारियों को तैनात किया गया और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की गई। इसी दौरान रात करीब 9:30 बजे एक महिंद्रा जीप तेज रफ्तार से चेक पोस्ट की ओर आती दिखाई दी।

वन विभाग के कर्मचारियों ने जीप को रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसे अधिकारियों की ओर बढ़ाने की कोशिश की। स्थिति को देखते हुए वन अधिकारियों ने आरोपियों को भागने से रोकने के लिए एयर गन से पेलेट फायर किए।

पेलेट लगने के बाद जीप में सवार संदिग्ध घायल हो गए। इसके बाद वे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे, जहां वन विभाग की टीम ने उनकी पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों के शरीर पर छर्रे लगने से चोटें आई थीं।

वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस शिकार की घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

इंडियन गौर को वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित प्रजातियों में शामिल किया गया है। इसके शिकार पर सख्त प्रतिबंध है। वन विभाग समय-समय पर जंगल क्षेत्रों में अवैध शिकार रोकने के लिए अभियान चलाता है।

अधिकारियों का कहना है कि जंगलों में अवैध शिकार की घटनाएं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए बड़ी चुनौती हैं। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

वन विभाग की टीम अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि उनके पास कोई हथियार या शिकार से जुड़े अन्य उपकरण मौजूद थे या नहीं। साथ ही, यह जानकारी जुटाई जा रही है कि क्या वे पहले भी ऐसी किसी गतिविधि में शामिल रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। वन विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत इसकी सूचना अधिकारियों को दें।

इस कार्रवाई को वन विभाग की ओर से अवैध शिकार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि संरक्षित वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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